Delhi में शुरू हुआ त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल, क्वीन अनानास की खेती के लिए मिलेंगे 236 करोड़ रुपये

Delhi: राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 27 जून 2026 को ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 29 जून तक चलेगा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय अनानास दिवस के मौके पर

Delhi: राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 27 जून 2026 को ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 29 जून तक चलेगा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय अनानास दिवस के मौके पर आयोजित किया गया है। इस महोत्सव का मुख्य मकसद त्रिपुरा के मशहूर अनानास को दुनिया के सामने लाना और वहां के किसानों की कमाई बढ़ाना है।

महोत्सव का उद्घाटन त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, केंद्रीय डोनर राज्य मंत्री डॉ. सुकांता मजूमदार और कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि क्वीन अनानास के बेहतर मार्केटिंग और प्रोसेसिंग के लिए केंद्र सरकार और डोनर मंत्रालय की मदद से 234 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई है। इसके अलावा ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल त्रिपुरा’ के नाम से 236 करोड़ रुपये की तीन साल की योजना भी लाई गई है, जिससे खेती के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और किसानों को ज्यादा मुनाफा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले तीन सालों में क्वीन अनानास की खेती को 12,000 हेक्टेयर से बढ़ाकर 15,000 हेक्टेयर किया जाएगा। साथ ही अगरतला और गोमती जिले में दो ब्रोमेलैन निष्कर्षण केंद्र भी बनाए जाएंगे। त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि इस फेस्टिवल के जरिए किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ा जाएगा, ताकि त्रिपुरा कृषि उद्योगों का एक बड़ा केंद्र बन सके।

इस कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
तारीख 27 जून से 29 जून, 2026
समय सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
स्थान मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, दिल्ली
प्रवेश शुल्क बिल्कुल मुफ्त
प्रदर्शनी 25 स्टॉल (कृषि, पर्यटन और हस्तशिल्प)
विशेष सम्मान 5 अनानास किसानों को किया जाएगा सम्मानित

बता दें कि त्रिपुरा के क्वीन अनानास को साल 2018 में जीआई (GI) टैग मिला था और इसे राज्य का आधिकारिक फल घोषित किया गया है। इस महोत्सव की मेजबानी त्रिपुरा सरकार का बागवानी और मृदा संरक्षण विभाग और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कर रहे हैं।