World: 12 अगस्त को दुनिया ने देखा पूर्ण सूर्य ग्रहण, स्पेन और आइसलैंड में रहा खास नजारा
World : 12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में एक बड़ा खगोलीय नजारा दिखा। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगा, जिसे देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में जमा हुए। यह ग्रहण उत्तरी साइबेरिया, आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक म
World : 12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में एक बड़ा खगोलीय नजारा दिखा। इस दिन पूर्ण सूर्य ग्रहण लगा, जिसे देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में जमा हुए। यह ग्रहण उत्तरी साइबेरिया, आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में साफ देखा गया।
इस ग्रहण का सबसे लंबा असर आइसलैंड के पश्चिमी तट से करीब 45 किलोमीटर दूर देखा गया, जहाँ करीब 2 मिनट 18 सेकंड तक पूरी तरह अंधेरा रहा। स्पेन के रिक्याविक, ए कोरुना, वेलेंसिया, ज़रागोज़ा, पाल्मा और बिलबाओ जैसे शहरों में पूर्ण सूर्य ग्रहण का अनुभव हुआ, जबकि मैड्रिड और बार्सिलोना में गहरा आंशिक ग्रहण दिखा। इसके अलावा ब्रिटेन, आयरलैंड, फ्रांस, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड, उत्तरी इटली, पश्चिम अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी सूरज का बड़ा हिस्सा ढका हुआ नजर आया।
विशेषज्ञों ने इस दौरान आंखों की सुरक्षा पर खास जोर दिया था। बताया गया कि सूरज को सीधे देखने के लिए केवल ISO 12312-2 मानकों वाले प्रमाणित सोलर फिल्टर या ग्रहण वाले चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। साधारण धूप के चश्मे या घर पर बनाए फिल्टर सुरक्षित नहीं माने जाते। केवल उस छोटे समय के लिए बिना चश्मे के देखना सुरक्षित था जब चाँद ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया था।
इस आयोजन में NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और स्पेन की Instituto Geográfico Nacional जैसी बड़ी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार सूरज के कोरोना का रूप पहले से अलग था, जो सूरज की बदलती चुंबकीय गतिविधियों को दर्शाता है। ग्रहण के साथ-साथ इस समय छह ग्रहों का दुर्लभ मिलन और पर्सिड उल्का वृष्टि (Perseid meteor shower) भी देखी गई। ज्योतिषियों ने इसे व्यक्तिगत बदलाव और आत्म-चिंतन का समय बताया है।