Maharashtra: मुंबई के खोतची वाडी इलाके में रहने वाले लोगों और कला प्रेमियों के लिए एक खास मौका आने वाला है। यहाँ Gallery 47-A में ‘Nilgiri Threads – The Art of the Toda’ नाम की एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
Maharashtra: मुंबई के खोतची वाडी इलाके में रहने वाले लोगों और कला प्रेमियों के लिए एक खास मौका आने वाला है। यहाँ Gallery 47-A में ‘Nilgiri Threads – The Art of the Toda’ नाम की एक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें तमिलनाडु के नीलगिरी इलाके के Toda समुदाय की मशहूर कढ़ाई और उनके हाथ से बने कपड़ों को दिखाया जाएगा।
प्रदर्शनी में क्या-क्या देखने को मिलेगा
इस प्रदर्शनी का आयोजन Coonoor&Co द्वारा किया गया है। यहाँ नीलगिरी के गांवों से सीधे लाए गए 40 आर्ट पैनल, लिनन और साड़ियाँ प्रदर्शित की जाएंगी। Toda समुदाय की इस कढ़ाई को ‘pukhoor’ कहा जाता है, जिसका मतलब फूल होता है। यह कला अपनी सादगी और बारीकी के लिए जानी जाती है।
Toda कढ़ाई की क्या है खासियत
इस कला की सबसे बड़ी बात यह है कि इसे बिना किसी स्केच, गाइड या फ्रेम के बनाया जाता है। सफेद सूती कपड़े पर लाल और काले ऊन के धागों से डिजाइन उकेरे जाते हैं। इनके डिजाइन प्रकृति और रोजमर्रा की जिंदगी से प्रेरित होते हैं, जिसमें भैंस के सींग जैसे पवित्र प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
सरकारी मान्यता और तारीखें
Toda कढ़ाई को भारत सरकार के GI Act 1999 के तहत मार्च 2013 में भौगोलिक संकेत (Geographical Indication) का दर्जा मिला था। इस पहचान को दिलाने में Toda Nalavaazhvu Sangam, Keystone Foundation और Poompuhar जैसी संस्थाओं ने मदद की थी। यह प्रदर्शनी 13 जून से 28 जून 2026 तक चलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Toda कढ़ाई की प्रदर्शनी मुंबई में कहाँ और कब होगी
यह प्रदर्शनी मुंबई के खोतची वाडी स्थित Gallery 47-A में होगी। आप इसे 13 जून से 28 जून 2026 के बीच देख सकते हैं।
Toda कढ़ाई को क्या कहा जाता है और इसकी क्या पहचान है
इस कढ़ाई को ‘pukhoor’ कहा जाता है। इसकी पहचान सफेद सूती कपड़े पर लाल और काले ऊन के धागों से बिना किसी फ्रेम या स्केच के बनाई गई कलाकारी है।