Bhagalpur: TMBU में अतिथि शिक्षकों का भारी हंगामा, प्रशासनिक भवन पर जड़ा ताला, 70 की सेवा समाप्त होने से आक्रोश
Bhagalpur: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा अब सातवें दिन भी जारी है। अपनी नियुक्तियां रद्द होने और 11 महीने का वेतन न मिलने से नाराज शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में थाली पीटकर विर
Bhagalpur: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में अतिथि शिक्षकों का गुस्सा अब सातवें दिन भी जारी है। अपनी नियुक्तियां रद्द होने और 11 महीने का वेतन न मिलने से नाराज शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में थाली पीटकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है।
यह पूरा विवाद 20 अप्रैल 2025 को 17 विभागों में हुई 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से शुरू हुआ। 4 मई 2026 को एक जांच समिति ने इन नियुक्तियों में गड़बड़ी की रिपोर्ट दी, जिसके बाद 13 जून 2026 को कुलाधिपति सह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने इन सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया। कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने राजभवन के निर्देश पर सेवा समाप्ति की अधिसूचना जारी की, जिसके बाद 20 जून से शिक्षकों ने धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वैध तरीके से उनकी नियुक्ति की थी और उनसे 11 महीने तक काम भी लिया गया, लेकिन अब अचानक उन्हें निकाल दिया गया। अतिथि शिक्षक कोमल सिंह ने बताया कि उन्हें लंबे समय से वेतन नहीं मिला है और नवीनीकरण के वादे के बाद भी उनकी सेवा खत्म कर दी गई। वहीं डॉ. योगेंद्र ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोषी को सजा नहीं मिल रही और निर्दोष को फांसी दी जा रही है।
आंदोलन की तीव्रता इतनी बढ़ गई है कि शिक्षक सरोज कुमार ने अपने परिवार के साथ राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से इच्छा मृत्यु की मांग की है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रभारी कुलपति डॉ. बी.एस. झा ने बदले की भावना से यह कार्रवाई की और जांच समिति ने उनके दबाव में गलत रिपोर्ट तैयार की। अब शिक्षकों की मांग है कि राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को शामिल कर एक नई और निष्पक्ष जांच समिति बनाई जाए और गड़बड़ी के पुख्ता सबूत सार्वजनिक किए जाएं।