Maharashtra: मुंबई में आयोजित ‘Conclav’ (India Diversity Conclave 2026) में मशहूर Carnatic गायक और लेखक T M Krishna ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीयों से अपील की कि वे एक-दूसरे के प्रति डर को ख
Maharashtra: मुंबई में आयोजित ‘Conclav’ (India Diversity Conclave 2026) में मशहूर Carnatic गायक और लेखक T M Krishna ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीयों से अपील की कि वे एक-दूसरे के प्रति डर को खत्म करें। कृष्ण ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और मिल-जुलकर रहने की क्षमता में है।
T M Krishna ने विविधता को लेकर क्या कहा?
T M Krishna ने जोर दिया कि भारत की विविधता तभी कीमती है जब अलग-अलग समुदाय और कलाएं आपस में मिलें और साथ रहें। उन्होंने कहा कि जब लोग अलग-थलग होकर रहते हैं, तो समाज में दूरी बढ़ती है। उनके अनुसार, संगीत और कलाकार लोगों के बीच सहानुभूति पैदा करने और एक-दूसरे को समझने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
संगीत और संविधान का क्या महत्व है?
कृष्ण ने बताया कि Carnatic संगीत किसी एक धर्म या समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अलग-अलग पहलुओं को जोड़ता है। उन्होंने भारतीय संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में बने इस देश में हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी जाति, लिंग या मूल का हो, सम्मान और गरिमा मिलनी चाहिए। संविधान ही देश के इस बहुलवादी ढांचे को मजबूती देता है।
विविधता के सामने वर्तमान चुनौतियां क्या हैं?
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि भारत अपनी अलग-अलग भाषाओं और धर्मों के बावजूद एकजुट रहा है। हालांकि, कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया गया। धार्मिक और जातीय संघर्ष, भेदभाव और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसी चीजें इस सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा बन सकती हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
T M Krishna ने मुंबई के कार्यक्रम में क्या संदेश दिया?
T M Krishna ने लोगों से दूसरों के प्रति डर खत्म करने और भारत की विविधता और सह-अस्तित्व को अपनाने का संदेश दिया ताकि समाज में अधिक समावेशिता आए।
India Diversity Conclave (IDC) 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारत में विविधता, समानता और समावेश (DEI) को बढ़ावा देना और नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने के तरीकों पर चर्चा करना था।