Delhi: राजधानी की तिहाड़ जेल में विचाराधीन कैदियों (Undertrials) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कोर्ट में पेश हुए CCTV फुटेज ने जेल प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है, जिसके बाद अब कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के
Delhi: राजधानी की तिहाड़ जेल में विचाराधीन कैदियों (Undertrials) के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। कोर्ट में पेश हुए CCTV फुटेज ने जेल प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है, जिसके बाद अब कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह घटना 24 मार्च की है, जिसमें जेल अधिकारियों पर कैदियों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है।
CCTV फुटेज में क्या दिखा और कोर्ट ने क्या कहा?
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Sonu Agnihotri के सामने जब CCTV फुटेज चलाया गया, तो उसमें जेल अधिकारी कैदियों के एक समूह को उनकी सेल से बाहर खींचते और डंडों से पीटते हुए नजर आए। कोर्ट ने इस फुटेज को एक पेन ड्राइव में सील कर अपने पास रख लिया है ताकि कोई इसके साथ छेड़छाड़ न कर सके। जज ने साफ कहा कि जेल अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल की गई ताकत कानून के मुताबिक नहीं लगती है।
जेल प्रशासन का क्या तर्क था?
जेल सुपरिटेंडेंट ने कोर्ट में माना कि विचाराधीन कैदियों पर जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दलील दी कि एक कैदी ने पत्थर या ईंट फेंकी थी, जिसके जवाब में यह कार्रवाई हुई। हालांकि, कोर्ट ने इस बात को खारिज कर दिया क्योंकि पत्थर फेंकने की घटना और पिटाई के बीच करीब 30 मिनट का अंतर था, इसलिए इसे आत्मरक्षा नहीं माना जा सकता।
अब आगे क्या कार्रवाई होगी?
कोर्ट ने Director General (Prisons) को निर्देश दिया है कि इस घटना की पूरी जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही, कोर्ट ने यह भी पूछा है कि जेल सुपरिटेंडेंट और डिप्टी सुपरिटेंडेंट के ऑफिस में लगे CCTV कैमरे सही से काम कर रहे हैं या नहीं। इस मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को होगी, जिससे पहले जांच रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तिहाड़ जेल में कैदियों की पिटाई की घटना कब हुई थी?
यह घटना 24 मार्च को हुई थी, जिसका मामला बाद में दिल्ली की अदालत में पहुँचा।
कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिए हैं?
कोर्ट ने DG (Prisons) को जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 13 मई 2026 को होगी।