Delhi की तिहाड़ जेल में कैदी उगा रहे हैं फलदार पौधे, प्रदूषण कम करने के लिए चलाएंगे अनोखा अभियान

Delhi: राजधानी की तिहाड़ जेल में एक बहुत ही अलग और नेक काम हो रहा है। यहां बंद कैदी अब सिर्फ सजा नहीं काट रहे, बल्कि दिल्ली की हवा को शुद्ध बनाने और बेजुबान पक्षियों की मदद के लिए पौधे उगा रहे हैं। जेल प्रशासन की इस मुहि

Delhi: राजधानी की तिहाड़ जेल में एक बहुत ही अलग और नेक काम हो रहा है। यहां बंद कैदी अब सिर्फ सजा नहीं काट रहे, बल्कि दिल्ली की हवा को शुद्ध बनाने और बेजुबान पक्षियों की मदद के लिए पौधे उगा रहे हैं। जेल प्रशासन की इस मुहिम का मकसद कैदियों को समाज से जोड़ना और पर्यावरण को बचाना है।

तिहाड़ जेल के सह अधीक्षक योगेंद्र कुमार की इस पहल के तहत कैदी मॉनसून के समय में फलों की गुठलियां इकट्ठा करते हैं। इन गुठलियों से जामुन, आम, इमली और बेर जैसे फलदार पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जब ये पौधे तैयार हो जाते हैं, तो जेल का स्टाफ इन्हें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर लगाता है।

इन पौधों को दिल्ली सरकार के वन महोत्सव के दौरान मुफ्त में बांटा जाएगा। इस कदम से न केवल शहर में हरियाली बढ़ेगी और प्रदूषण कम होगा, बल्कि पशु-पक्षियों को भोजन और आश्रय भी मिलेगा।

तिहाड़ जेल में कैदियों के सुधार के लिए कई और काम भी किए जा रहे हैं। यहां प्राकृतिक खेती शुरू की गई है जिससे जेल की रसोई को मजबूती मिलेगी और अतिरिक्त सामान ‘तिहाड़ हाट’ के जरिए बेचा जाएगा। इसके अलावा, जेल परिसर में आवारा पशुओं के लिए गौशाला भी बनाई गई है ताकि कैदी उनकी सेवा कर सकें और अपना अकेलापन दूर कर सकें। अब कैदी अपने इस्तेमाल की चीजें जैसे चप्पल और टूथपेस्ट भी खुद बनाना शुरू कर रहे हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा और जेल के खर्च में भी कमी आएगी।