Maharashtra : नवी मुंबई के उरण तालुका के जसाई गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां तालाब में नहाने गई तीन नाबालिग बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के समय बच्चियों के साथ उनकी मां भी थी, जिसे एक स्थानीय ग्रा
Maharashtra : नवी मुंबई के उरण तालुका के जसाई गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां तालाब में नहाने गई तीन नाबालिग बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के समय बच्चियों के साथ उनकी मां भी थी, जिसे एक स्थानीय ग्रामीण ने डूबने से बचा लिया।
हादसा कैसे हुआ और कौन थे मरने वाले
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 11 बजे मां कपड़े धोने तालाब गई थी। दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपनी बेटियों और पड़ोस की बच्ची को नहाने के लिए साथ ले गई क्योंकि घर में पानी की सप्लाई नहीं थी। इसी दौरान तीनों बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। मरने वाली बच्चियों में 8 साल की Rehana Khatun, 7 साल की Ravina Parveen और पड़ोस की 12-13 साल की Soumya Kanhaiya Kumar शामिल हैं। ये सभी मूल रूप से Uttar Pradesh के रहने वाले थे और जसाई गांव में रह रहे थे।
किन्होंने की मदद और पुलिस की क्या कार्रवाई है
गांव के Mohammad Munna Qureshi ने शोर सुना, लेकिन उन्हें तैरना नहीं आता था। तभी 38 साल के स्थानीय ग्रामीण Prashant Mhatre ने मौके पर पहुंचकर मां Shakala Mohammed को बचाया और उसके बाद तीनों बेहोश बच्चियों को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत Indira Gandhi Rural Govt Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Uran Police ने इस मामले में Accidental Death Report (ADR) नंबर 44/2026 दर्ज किया है।
जांच और आगे की प्रक्रिया
Senior Inspector Hanif Mulani ने बताया कि पुलिस सब-इंस्पेक्टर Smita Pawar इस मामले की जांच कर रही हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अस्पताल में जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बच्चियों के शव उनके रिश्तेदारों को सौंप दिए हैं। मौत की असल वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
उरण के जसाई गांव में हादसा कब और क्यों हुआ
यह हादसा शनिवार, 6 जून 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे हुआ। घर में पानी की कमी के कारण बच्चियां अपनी मां के साथ तालाब में नहाने गई थीं, जहां वे डूब गईं।
हादसे में कौन-कौन शामिल थे और किसे बचाया गया
हादसे में तीन बच्चियों (रेहाना, रबीना और सौम्या) की मौत हो गई, जबकि उनकी मां शाकला मोहम्मद को स्थानीय ग्रामीण प्रशांत म्हात्रे ने सुरक्षित बाहर निकाला।