Maharashtra: ठाणे के कोपरी इलाके में स्थित एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्लांट से निकलने वाला भारी मात्रा में कीचड़ (sludge) पास के नालों और मैंग्
Maharashtra: ठाणे के कोपरी इलाके में स्थित एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस प्लांट से निकलने वाला भारी मात्रा में कीचड़ (sludge) पास के नालों और मैंग्रोव के जंगलों में बहाया जा रहा है। इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है और स्थानीय लोग परेशान हैं।
STP प्लांट में क्या है बड़ी गड़बड़ी
भाजपा विधायक Sanjay Kelkar और MLC Niranjan Davkhare ने मौके पर जाकर देखा कि 120 MLD क्षमता वाला यह प्लांट अपनी क्षमता से बहुत कम काम कर रहा है। आरोप है कि यह प्लांट केवल 5 MLD गंदा पानी ही साफ कर पा रहा है। साथ ही, ट्रीटमेंट के बाद बचने वाले कीचड़ को सही तरीके से ठिकाने लगाने के बजाय सीधे नालों और मैंग्रोव क्षेत्रों में फेंका जा रहा है।
जनता के पैसे की बर्बादी और बाढ़ का खतरा
यह प्रोजेक्ट 2021 में कन्हैया नगर के पास शुरू हुआ था और इसे एक साल में पूरा होना था, लेकिन यह अब तक पूरी तरह चालू नहीं हुआ। आरोप है कि Thane Municipal Corporation (TMC) इस नाकाम प्लांट के संचालन के लिए ठेकेदार को सालाना करीब 10 करोड़ रुपये दे रही है। इस कीचड़ के जमा होने की वजह से मानसून के दौरान Thanekarwadi इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
प्रोजेक्ट का मकसद और वर्तमान स्थिति
इस प्लांट का मुख्य उद्देश्य ट्रीटेड पानी को बगीचों, उद्योगों और निर्माण कार्यों के लिए बेचकर कमाई करना था, लेकिन यह योजना पूरी तरह फेल रही है। भाजपा विधायक ने कहा कि ठेकेदार और नगर निगम प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले में म्युनिसिपल कमिश्नर Saurabh Rao के जवाब का इंतजार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोपरी STP प्लांट की क्षमता कितनी है और यह कितना काम कर रहा है?
इस प्लांट की कुल क्षमता 120 MLD है, लेकिन आरोप है कि यह केवल 5 MLD गंदा पानी ही साफ कर पा रहा है।
कीचड़ बहाने से स्थानीय लोगों को क्या परेशानी हो रही है?
कीचड़ की वजह से मैंग्रोव नष्ट हो रहे हैं और मानसून के समय Thanekarwadi इलाके में बाढ़ आने की समस्या बढ़ गई है।