Maharashtra: ठाणे जिले के दो शिव सेना सांसदों, नरेश म्हास्के और डॉ. श्रीकांत शिंदे को Sansad Ratna Award 2026 के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें बजट सत्र 2026 तक संसद में उनके शानदार कामकाज और प्रदर्शन के लिए दिया गया
Maharashtra: ठाणे जिले के दो शिव सेना सांसदों, नरेश म्हास्के और डॉ. श्रीकांत शिंदे को Sansad Ratna Award 2026 के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें बजट सत्र 2026 तक संसद में उनके शानदार कामकाज और प्रदर्शन के लिए दिया गया है। इस घोषणा के बाद इलाके में खुशी का माहौल है।
किसे और क्यों मिला यह अवॉर्ड
ठाणे सांसद Naresh Mhaske को संसद की बहसों, सवालों और बजट चर्चाओं में उनकी सक्रियता के लिए यह अवॉर्ड मिला है। उन्होंने सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त कानून बनाने की मांग पर जोर दिया था। वहीं, कल्याण सांसद Dr. Shrikant Shinde को उनके द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों और 6 महत्वपूर्ण प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने के लिए चुना गया है। डॉ. शिंदे ने रेलवे, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे विषयों पर लगातार आवाज उठाई। यह उनका दूसरा Sansad Ratna Award है, इससे पहले उन्हें 2024 में भी यह सम्मान मिल चुका है।
कैसे चुना जाता है अवॉर्ड के लिए नाम
यह अवॉर्ड Prime Point Foundation और उनके eMagazine PreSense द्वारा हर साल दिया जाता है। इसकी शुरुआत 2009 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर की गई थी। अवॉर्ड के लिए चयन पूरी तरह से डेटा पर आधारित होता है। इसके लिए Lok Sabha और Rajya Sabha की आधिकारिक वेबसाइट और PRS Legislative Research के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।
चयन के मुख्य आधार क्या होते हैं
सांसदों का चयन करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है जैसे:
- संसद की बहसों में कितनी भागीदारी रही।
- सत्र के दौरान कितने सवाल पूछे गए।
- कितने प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए गए।
- संसदीय समितियों की रिपोर्ट की गुणवत्ता और संख्या।
इन आंकड़ों की जांच एक जूरी कमेटी करती है, जिसमें अनुभवी सांसद, रिटायर्ड संवैधानिक अधिकारी और शिक्षाविद शामिल होते हैं। इस साल कुल 12 सांसदों और 4 संसदीय समितियों को इस सम्मान के लिए चुना गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sansad Ratna Award क्या है और इसे कौन देता है
यह अवॉर्ड सांसदों के संसदीय प्रदर्शन को सराहने के लिए दिया जाता है। इसे Prime Point Foundation द्वारा दिया जाता है, जिसकी शुरुआत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर हुई थी।
डॉ. श्रीकांत शिंदे को यह अवॉर्ड क्यों मिला
डॉ. श्रीकांत शिंदे को रेलवे, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों को उठाने और 6 प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने के कारण यह अवॉर्ड मिला है।