Maharashtra: ठाणे और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Airoli-Katai Naka हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है, जिससे लोगों का सफर काफी छोटा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल
Maharashtra: ठाणे और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। Airoli-Katai Naka हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम तेजी से चल रहा है, जिससे लोगों का सफर काफी छोटा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल समय बचेगा, बल्कि सड़क पर लगने वाले भारी जाम से भी राहत मिलेगी।
कॉरिडोर कब तक होगा पूरा और क्या है प्लान
MMRDA के मुताबिक, इस कॉरिडोर के पहले दो फेज (Phase I और Phase II) इस साल यानी 2026 के अंत तक जनता के लिए खोल दिए जाएंगे। Phase II का काम पूरा हो चुका है और Phase I, जिसमें पारसिक हिल की टनल शामिल है, अपने आखिरी चरण में है। पूरे 12.71 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को अक्टूबर 2028 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।
आम जनता को क्या होगा फायदा
इस नए रास्ते के बनने से ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली बेल्ट के बीच कनेक्टिविटी बहुत बेहतर हो जाएगी। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और डिप्टी सीएम Eknath Shinde के अनुसार, इससे यात्रियों का 35 से 40 मिनट का समय बचेगा। यह रास्ता विशेष रूप से शिल फाटा, कल्याण फाटा और महापे रोड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों के ट्रैफिक को कम करेगा। साथ ही, मुलुंड और कतई नाका के बीच की दूरी भी 7 से 8 किलोमीटर कम हो जाएगी।
प्रोजेक्ट की खासियतें और निर्माण
यह कॉरिडोर 3+3 लेन का होगा, जिसमें पारसिक हिल के नीचे 1.7 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल बनाई गई है। टनल में हवा के लिए वेंटिलेशन, आग बुझाने के सिस्टम और स्मार्ट लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं लगाई जा रही हैं। Phase III का काम अभी चल रहा है, जो NH-04 से कतई नाका तक जाएगा। इस हिस्से के लिए Afcons Infrastructure को लगभग 2,018 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जबकि Phase 2 का काम J Kumar Infraprojects ने किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Airoli-Katai Naka कॉरिडोर से कितना समय बचेगा?
इस कॉरिडोर के शुरू होने से ठाणे और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले लोगों का लगभग 35 से 40 मिनट का समय बचेगा।
पूरा प्रोजेक्ट कब तक बनकर तैयार होगा?
प्रोजेक्ट के पहले दो फेज 2026 के अंत तक खुल जाएंगे, जबकि पूरे 12.71 किलोमीटर के स्ट्रेच का काम अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।