Maharashtra: ठाणे नगर निगम (TMC) ने शहर के भीतर भूस्खलन (landslide) के प्रति बेहद संवेदनशील 14 इलाकों की पहचान की है। मानसून आने से पहले प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निगम की टी
Maharashtra: ठाणे नगर निगम (TMC) ने शहर के भीतर भूस्खलन (landslide) के प्रति बेहद संवेदनशील 14 इलाकों की पहचान की है। मानसून आने से पहले प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। निगम की टीमें अब सीधे लोगों से मिलकर उन्हें बचाव के तरीकों और सावधानियों के बारे में बता रही हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
कौन से इलाके हैं ज्यादा खतरे में
TMC ने विशेष रूप से कलवा (East) के लोकमान्य सावरकर नगर, घोलई और अत्कोनेश्वर नगर के साथ-साथ मुंब्रा बाईपास के पास के इलाकों को जोखिम भरा बताया है। इन जगहों पर रहने वाले परिवारों, खासकर जो पहाड़ियों की ढलानों या तलहटी में बसे हैं, उन्हें पहले ही चेतावनी दे दी गई है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
मानसून की तैयारी और एक्शन प्लान
नगर निगम ने 5 मई 2026 से मानसून पूर्व तैयारी अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत लैंडस्लाइड के अलावा जलजमाव और खुले मैनहोल जैसी समस्याओं को ठीक किया जा रहा है। 6 मई को एक आपदा प्रबंधन योजना भी लागू की गई, जिसमें बाढ़ और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील 30 हाई-रिस्क जोन चिह्नित किए गए हैं। नालों की सफाई और मरम्मत का काम मई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुरक्षा के लिए कौन सी एजेंसियां जुड़ी हैं
शहर की सुरक्षा के लिए ठाणे डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (TDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा बिजली विभाग (MSEDCL) और Torrent Power को भी सूचित किया गया है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MSDMA) के अनुसार, भारी बारिश और मानवीय गतिविधियों के कारण कोंकण और ठाणे का इलाका भूस्खलन के प्रति अधिक संवेदनशील है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ठाणे में लैंडस्लाइड के लिए कितने इलाके चिह्नित किए गए हैं?
ठाणे नगर निगम ने शहर की सीमा के भीतर 14 अत्यधिक संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन की पहचान की है, जिनमें कलवा और मुंब्रा के कुछ इलाके शामिल हैं।
प्रशासन ने मानसून के लिए क्या तैयारी की है?
TMC ने 6 मई को डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लागू किया है, जिसके तहत 30 हाई-रिस्क जोन की पहचान की गई है और मई अंत तक नालों की सफाई व मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा।