Thane की हाउसिंग सोसायटियों में अब 4 डस्टबिन रखना होगा जरूरी, अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
Maharashtra/Thane: ठाणे की सभी हाउसिंग सोसायटियों और ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों के लिए अब कचरे को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026 के तहत यह फै
Maharashtra/Thane: ठाणे की सभी हाउसिंग सोसायटियों और ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों के लिए अब कचरे को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटना अनिवार्य होगा। केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम 2026 के तहत यह फैसला लिया गया है। ‘फोर बिन, ठाणे क्लीन’ नाम के इस अभियान की शुरुआत अक्टूबर 2026 से चरणों में की जाएगी।
केंद्र सरकार के नए नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। इसके तहत अब कचरे को घर से ही चार अलग रंगों के डिब्बों में डालना होगा। गीले कचरे के लिए हरा, सूखे कचरे के लिए नीला, सैनिटरी कचरे के लिए लाल और जहरीले या ई-वेस्ट (जैसे बैटरी और बल्ब) के लिए काले रंग के डस्टबिन का इस्तेमाल करना होगा। इन नियमों का मकसद कचरे को सही तरीके से प्रोसेस करना और डंपिंग ग्राउंड का बोझ कम करना है।
ठाणे नगर निगम (TMC) के डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर मधुकर बोडके ने बताया कि इस पहल से रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और शहर में गंदगी कम होगी। हेल्थ ऑफिसर डॉ. रानी शिंदे ने कहा कि इस नियम का मुख्य उद्देश्य कचरे की कुल मात्रा को घटाना और गीले कचरे को उसी जगह प्रोसेस करना है जहाँ वह पैदा हो रहा है। वहीं, म्युनिसिपल कमिश्नर सौरभ राव ने नागरिकों से अपील की है कि वे इसे सजा के तौर पर न देखें, बल्कि शहर को साफ रखने के एक तरीके के रूप में अपनाएं।
नियमों के मुताबिक, जिन संस्थानों का एरिया 20,000 वर्ग मीटर से ज्यादा है या जो रोजाना 100 किलो से अधिक कचरा निकालते हैं, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर माना जाएगा। इन्हें सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपने परिसर में ही गीले कचरे का निपटारा करना होगा। इस काम में मदद के लिए IPCA Laboratories अपने CSR फंड से TMC को 20 ऑर्गेनिक वेस्ट यूनिट्स दे रही है।
हाल ही में मेयर शर्मिला पिंपळकर ने इस अभियान की शुरुआत की और कर्मचारियों के लिए वर्कशॉप भी आयोजित की गई। हालांकि, पुरानी सोसायटियों के रहने वाले लोगों ने चिंता जताई है कि उनके पास चार अलग-अलग डस्टबिन रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ठाणे के साथ-साथ नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) भी इन नियमों को लागू करने की तैयारी कर रहा है।