Thane के अस्पताल में महिला डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट, शिंदे सेना ने नगरसेवक से बनाई दूरी, 3 गिरफ्तार

Maharashtra/Thane: डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में एक गर्भवती मरीज के रेफरल को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद शिव सेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने महिला डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडिय

Maharashtra/Thane: डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में एक गर्भवती मरीज के रेफरल को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद शिव सेना नगरसेवक रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों ने महिला डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखा गया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है।

यह पूरी घटना सोमवार शाम 6 जुलाई 2026 को कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई। आरोप है कि नगरसेवक रमेश म्हात्रे और उनके साथियों ने कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर, डॉक्टर वैभव सालुंखे और नर्स नमिता उबाले और द्रव्य गिरी के साथ बदसलूकी की। इस हमले में डॉक्टर सालुंखे को चोटें आई हैं।

मामले की गंभीरता और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के दबाव के बाद मंगलवार रात को रमेश म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अब तक म्हात्रे के तीन साथियों—रमेश पवार, प्रमोद निकम और अक्षय करंडे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी नगरसेवक रमेश म्हात्रे फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

राजनीतिक गलियारों में इस घटना के बाद हलचल तेज हो गई है। शिंदे गुट के सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और साफ कहा है कि पार्टी इस घटना से खुद को अलग करती है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, शिव सेना (UBT) के विधायक आदित्य ठाकरे ने भी सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप और दोषियों को सजा देने की मांग की है।

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि शारीरिक हमला किसी भी स्थिति में सही नहीं है। इस बीच, डॉक्टरों और नर्सों के संगठनों में भारी आक्रोश है। IMA ने क्लिनिक और अस्पताल बंद करने की चेतावनी दी है, जबकि Central MARD और MSNA ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। डॉक्टर 9 जुलाई को काली रिबन बांधकर और नर्सें 10 जुलाई से तीन दिनों तक विरोध प्रदर्शन करेंगी।

दूसरी ओर, आरोपी रमेश म्हात्रे ने अपने बयान में कहा कि उन्हें इस विवाद पर खेद है, लेकिन उन्होंने महिला डॉक्टरों पर हाथ उठाने से इनकार किया है। उनका दावा है कि CCTV फुटेज में कैमरा एंगल की वजह से ऐसा लग रहा है और असल में डॉक्टर उनकी बात नहीं सुन रही थीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपियों पर सरकारी कर्मचारी पर हमला, मारपीट और दंगा भड़काने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।