Thailand में खौफनाक वारदात, 14 साल के लड़के ने दादा-दादी और स्कूल स्टाफ समेत 8 लोगों को मारा, फिर खुदकुशी की

World : थाईलैंड के बैंकॉक के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 14 साल के छात्र ने पहले अपने ही घर में दादा-दादी की जान ली और फिर स्कूल जाकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस पूरी वारदात में हमलावर समेत कुल 8 लोगो

World : थाईलैंड के बैंकॉक के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 14 साल के छात्र ने पहले अपने ही घर में दादा-दादी की जान ली और फिर स्कूल जाकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस पूरी वारदात में हमलावर समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

यह घटना शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को हुई। पुलिस के मुताबिक, लड़के ने अपने दादा की लाइसेंसी बंदूक से पहले अपने दो बुजुर्गों को मारा और फिर Debsirin Nonthaburi School पहुँचा। वहां उसने स्कूल के पांच स्टाफ सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। घायलों में एक 12 साल की बच्ची थी, जिसकी 8 अगस्त को मौत हो गई। ज्यादातर घायल बच्चे 12 से 14 साल की उम्र के हैं, जिनमें से कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

जांच में पता चला है कि यह लड़का पढ़ाई के दबाव और तनाव में था। उसे बंदूक और FBI में काफी दिलचस्पी थी और स्कूल में दूसरे छात्र उसे परेशान करते थे। पुलिस को उसके पास 34 राउंड अतिरिक्त कारतूस भी मिले। इस घटना के बाद स्कूल को 14 अगस्त तक बंद कर दिया गया है।

थाईलैंड के प्रधानमंत्री Anutin Charnvirakul और उपमुख्यमंत्री Yodchanan Wongsawat ने इस घटना पर दुख जताया है। सरकार अब बंदूक कानूनों को सख्त करने और स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पांच मंत्रालय मिलकर 90 दिनों का एक नेशनल स्कूल सेफ्टी प्लान लागू करेंगे।

सरकार द्वारा उठाए जाने वाले मुख्य कदम:

  • छात्रों और शिक्षकों की नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच होगी।
  • शिक्षकों को संकट से निपटने की ट्रेनिंग दी जाएगी और स्कूलों में इमरजेंसी ड्रिल होगी।
  • स्कूल प्रशासन को छात्रों के बैग चेक करने का अधिकार मिलेगा।
  • पूरे देश के चाइल्डकेयर सेंटर्स में सेफ्टी डोर और खिड़कियां लगाई जाएंगी।
  • स्थानीय पुलिस स्टेशन से जुड़े SOS बटन लगाए जाएंगे।
  • मानसिक स्वास्थ्य के लिए हेल्पलाइन और चैट सर्विस शुरू की जाएगी।

शिक्षा मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों को 20,000 थाई बाट और घायलों को 5,000 थाई बाट की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। वहीं UNICEF ने बच्चों की मानसिक सेहत पर ध्यान देने की जरूरत बताई है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।