Maharashtra में गड्ढे ने ली TDRF जवान की जान, मुंबई-नासिक हाईवे पर हुआ हादसा
Maharashtra/Shahapur: मुंबई-नासिक हाईवे पर एक बड़ा गड्ढा जानलेवा साबित हुआ। यहाँ ठाणे डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (TDRF) के 31 साल के जवान विकास लाहू गोरे की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा शाहपुर तालुका के भरंगी नदी पुल
Maharashtra/Shahapur: मुंबई-नासिक हाईवे पर एक बड़ा गड्ढा जानलेवा साबित हुआ। यहाँ ठाणे डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (TDRF) के 31 साल के जवान विकास लाहू गोरे की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा शाहपुर तालुका के भरंगी नदी पुल के पास हुआ जब वह अपनी मोटरसाइकिल से काम पर जा रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, विकास गोरे अपनी Royal Enfield मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी उनकी बाइक सड़क पर मौजूद एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। संतुलन बिगड़ने की वजह से मोटरसाइकिल सीधे डिवाइडर से जा टकराई। हादसे के तुरंत बाद उन्हें शाहपुर उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। विकास गोरे मूल रूप से बामने गांव के रहने वाले थे और उन्होंने हाल ही में भिवंडी में कोहिनूर बिल्डिंग गिरने के बाद बचाव कार्य में हिस्सा लिया था।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस गड्ढे की वजह से यह हादसा हुआ, उसकी शिकायत कई बार की गई थी लेकिन प्रशासन ने उसे ठीक नहीं किया। विकास के परिवार ने गहरा दुख जताया है और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है।
मुंबई-नासिक हाईवे की खराब हालत को लेकर पहले भी कई बयान आए हैं। 31 जुलाई 2026 को मंत्री छगन भुजबल ने नासिक की सड़कों की हालत पर नाराजगी जताई थी। उसी दिन गिरिश महाजन ने नासिक नगर निगम को एक हफ्ते में शहर को गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था और गड्ढों की वजह से जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की थी। इससे पहले अगस्त 2024 में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी हाईवे की मरम्मत और टोल वसूली रोकने जैसे निर्देश दिए थे। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।