Finance : मुंबई में Tata Sons की एक अहम बोर्ड मीटिंग मंगलवार, 26 मई 2026 को पूरी हुई। इस बैठक में ग्रुप की कंपनियों के कामकाज और आने वाले समय के लिए रणनीति पर चर्चा की गई। चेयरमैन N Chandrasekaran और Noel Tata समेत कई बड
Finance : मुंबई में Tata Sons की एक अहम बोर्ड मीटिंग मंगलवार, 26 मई 2026 को पूरी हुई। इस बैठक में ग्रुप की कंपनियों के कामकाज और आने वाले समय के लिए रणनीति पर चर्चा की गई। चेयरमैन N Chandrasekaran और Noel Tata समेत कई बड़े दिग्गज इस मीटिंग में शामिल थे, लेकिन मीटिंग के बाद किसी ने भी मीडिया से बात नहीं की।
किन कंपनियों के घाटे पर हुई चर्चा?
मीटिंग के दौरान उन कंपनियों पर ज्यादा ध्यान दिया गया जो फिलहाल नुकसान में चल रही हैं। Air India, Tata Digital और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स में बड़ा घाटा देखा गया है। इन कंपनियों के CEO ने बोर्ड को अपनी परफॉरमेंस और फंड की जरूरतों के बारे में जानकारी दी।
| कंपनी |
वित्तीय स्थिति/अनुमान |
| Air India |
FY25 में 9,500 करोड़ से ज्यादा का घाटा, FY26 में 27,000 करोड़ के घाटे का अनुमान |
| Tata Digital |
FY25 में 828 करोड़ रुपये का नुकसान |
| Tata Electronics |
तेजी से विस्तार, FY26 में 1 ट्रिलियन रुपये से ज्यादा रेवेन्यू की उम्मीद |
| कुल अनलिस्टेड बिजनेस |
FY25 में 10,905 करोड़ का घाटा, FY26 में 29,000 करोड़ तक जा सकता है |
Tata Sons के IPO और लीडरशिप पर क्या है अपडेट?
बोर्ड मीटिंग में Tata Sons को शेयर बाजार में लिस्ट करने यानी IPO लाने पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि Noel Tata इसके खिलाफ हैं, जबकि Venu Srinivasan इसका समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा, N Chandrasekaran के अगले कार्यकाल को लेकर भी अंदरूनी चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि इस मीटिंग में इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया।
आगे की क्या योजना है?
कंपनी की रणनीतियों और फंडिंग पर आगे बात करने के लिए अगली बोर्ड मीटिंग 12 जून 2026 को तय की गई है। उससे पहले 8 जून 2026 को Tata Trusts की मीटिंग होगी, जिसमें गवर्नेंस और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Tata Sons की अगली बोर्ड मीटिंग कब है?
Tata Sons की अगली बोर्ड मीटिंग 12 जून 2026 को होगी, जिसमें रणनीतिक प्राथमिकताओं और फंडिंग पर चर्चा की जाएगी।
Air India का घाटा कितना है?
Air India ने FY25 में 9,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा दर्ज किया और FY26 में इसके 27,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है।