Mumbai के Tata Memorial Hospital की बड़ी खोज, अब पपीते के पत्तों की गोली से बढ़ेंगे कैंसर मरीजों के प्लेटलेट्स

Maharashtra: मुंबई के Tata Memorial Centre (TMC) ने कैंसर के इलाज के दौरान घटने वाले प्लेटलेट्स को बढ़ाने के लिए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अस्पताल ने पपीते के पत्तों के अर्क से बनी गोलियों का ट्रायल किया, जिसमें यह पा

Maharashtra: मुंबई के Tata Memorial Centre (TMC) ने कैंसर के इलाज के दौरान घटने वाले प्लेटलेट्स को बढ़ाने के लिए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अस्पताल ने पपीते के पत्तों के अर्क से बनी गोलियों का ट्रायल किया, जिसमें यह पाया गया कि ये गोलियां मरीजों के प्लेटलेट्स को तेजी से रिकवर करने में मदद करती हैं। यह खबर उन लाखों कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी है जो कीमोथेरेपी के दौरान प्लेटलेट्स गिरने की समस्या से जूझते हैं।

TMC के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने मार्च 2020 से अक्टूबर 2024 के बीच यह स्टडी की। इस ट्रायल में 219 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया था जिनके शरीर में सॉलिड ट्यूमर था और कीमोथेरेपी की वजह से प्लेटलेट्स कम हो गए थे। स्टडी के मुख्य जांचकर्ता डॉ. विकास ओस्तवाल ने बताया कि पपीते के पत्तों का अर्क प्लेटलेट्स की रिकवरी को तेज करता है, जिससे मरीजों की कीमोथेरेपी में कम रुकावट आती है और इलाज समय पर पूरा हो पाता है।

TMC के डायरेक्टर डॉ. सुदीप गुप्ता ने कहा कि यह रिसर्च पारंपरिक नुस्खों की वैज्ञानिक जांच का हिस्सा है, जिससे पूरी दुनिया के कैंसर मरीजों को फायदा मिल सकता है। इस स्टडी के नतीजे अंतरराष्ट्रीय जर्नल JCO Global Oncology में छापे गए हैं और इन्हें 2025 की ASCO एनुअल मीटिंग में भी पेश किया गया था।

सबसे बड़ी बात यह है कि यह इलाज बहुत सस्ता और सुरक्षित है। जहां रोमिलोस्टिम (romiplostim) जैसी महंगी दवाओं का खर्च एक हफ्ते में 15,000 रुपये तक जा सकता है, वहीं पपीते के अर्क की 10 दिन की खुराक मात्र 300 रुपये में उपलब्ध है। इसमें मरीज को दिन में तीन गोलियां लेनी होती हैं। ट्रायल के दौरान इस दवा का कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं देखा गया और यह मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित रही।