Delhi: तंजानिया से आए एक पांच महीने के मासूम बच्चे को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में नया जीवन मिला है। यह बच्चा क्रैनियोसिनोस्टोसिस (Craniosynostosis) नाम की एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा था, जिसमें सिर की हड्डियां समय से प
Delhi: तंजानिया से आए एक पांच महीने के मासूम बच्चे को दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में नया जीवन मिला है। यह बच्चा क्रैनियोसिनोस्टोसिस (Craniosynostosis) नाम की एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा था, जिसमें सिर की हड्डियां समय से पहले जुड़ जाती हैं। दिल्ली के डॉक्टरों ने एक जटिल सर्जरी के जरिए बच्चे के सिर की बनावट को ठीक किया है, जिससे अब उसके दिमाग के विकास के लिए पर्याप्त जगह बन गई है।
क्या थी बच्चे की बीमारी और कैसे हुआ इलाज
बच्चे को स्कैफोसेफली (Scaphocephaly) की समस्या थी, जिसकी वजह से उसका सिर असामान्य रूप से लंबा और संकरा हो गया था। BLK-Max Super Speciality Hospital में डॉ. रोहित बंसिल के नेतृत्व में न्यूरोसर्जरी की टीम ने ‘मॉडिफाइड पाई-प्लास्टी’ (Modified Pi-Plasty) नाम की एडवांस सर्जरी की। इस ऑपरेशन का मकसद सिर की जुड़ी हुई हड्डियों को खोलकर उन्हें सही आकार देना था ताकि दिमाग सामान्य रूप से बढ़ सके।
सर्जरी की चुनौतियां और रिकवरी
छोटे बच्चों में इस तरह की सर्जरी बहुत जोखिम भरी होती है क्योंकि उनका ब्लड वॉल्यूम कम होता है और बहुत बारीकी से काम करना पड़ता है। डॉ. रोहित बंसिल ने बताया कि ऐसे मामलों में समय पर इलाज जरूरी है ताकि बच्चे के मानसिक विकास में कोई बाधा न आए। सर्जरी के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ और ऑपरेशन के महज तीन दिन बाद ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
इलाज में शामिल मेडिकल टीम
इस सफल ऑपरेशन में केवल न्यूरोसर्जन ही नहीं, बल्कि कई अन्य विशेषज्ञों ने भी साथ काम किया। इसमें एनेस्थीसिया, पीडियाट्रिक्स (बाल रोग), प्लास्टिक सर्जरी और इंटेंसिव केयर यूनिट के डॉक्टर्स की टीम शामिल थी। पोस्ट-ऑपरेटिव इमेजिंग से यह पुष्टि हो गई है कि अब बच्चे के दिमाग को बढ़ने के लिए जरूरी जगह मिल गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्रैनियोसिनोस्टोसिस (Craniosynostosis) क्या है?
यह एक जन्मजात स्थिति है जिसमें सिर की हड्डियां समय से पहले आपस में जुड़ जाती हैं, जिससे सिर का आकार बिगड़ जाता है और दिमाग के विकास में रुकावट आती है।
बच्चे का इलाज दिल्ली के किस अस्पताल में हुआ?
तंजानिया के बच्चे का सफल इलाज दिल्ली के BLK-Max Super Speciality Hospital में डॉ. रोहित बंसिल और उनकी टीम द्वारा किया गया।