Tamil Nadu: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) इस महीने के अंत में दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली बड़ी राष्ट्रीय यात्रा होगी। 22 मई को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ म
Tamil Nadu: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) इस महीने के अंत में दिल्ली जा रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली बड़ी राष्ट्रीय यात्रा होगी। 22 मई को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होने की संभावना है, जिसमें राज्य के विकास और केंद्र से मिलने वाले फंड पर चर्चा होगी।
CM विजय की दिल्ली यात्रा का क्या है शेड्यूल
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री विजय का यह दौरा तीन दिनों का हो सकता है। इस दौरान वह 22 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से भी शिष्टाचार भेंट होने की उम्मीद है। यह मुलाकात केंद्र और राज्य सरकार के बीच आपसी रिश्तों की नई दिशा तय करेगी।
किन मुद्दों पर होगी प्रधानमंत्री से चर्चा
इस बैठक का मुख्य फोकस तमिलनाडु के विकास, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और प्रशासनिक कामों पर रहेगा। मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर तमिलनाडु के कपड़ा उद्योग को बचाने के लिए कच्चे माल पर आयात शुल्क 11% से घटाकर 0% करने की मांग की है। इस मुलाकात के दौरान वित्तीय आवंटन और राज्य की प्राथमिकताओं पर विस्तार से बात होने की उम्मीद है।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री विजय के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने कई कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने 13 मई को विधानसभा में अपनी टीवीके सरकार के लिए फ्लोर टेस्ट पास किया। साथ ही, उन्होंने सरकारी दफ्तरों में वीआईपी कुर्सियों पर इस्तेमाल होने वाली तौलिया संस्कृति को खत्म करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए राज्य के जीवन स्तर को सुधारने के लिए मिलकर काम करने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुख्यमंत्री विजय पीएम मोदी से कब मिलेंगे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय 22 मई को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं।
इस मुलाकात के मुख्य मुद्दे क्या होंगे?
बैठक में तमिलनाडु के विकास, वित्तीय आवंटन, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कपड़ा उद्योग के लिए आयात शुल्क कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।