UP: आगरा के ताजमहल को देखने आने वाले पर्यटकों के लिए अब अनुभव बदलने वाला है। अब यहां भीड़भाड़ के बजाय सुकून मिलेगा क्योंकि ASI ने पर्यटकों की संख्या सीमित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए IIT Delhi की एक टीम ने सर्
UP: आगरा के ताजमहल को देखने आने वाले पर्यटकों के लिए अब अनुभव बदलने वाला है। अब यहां भीड़भाड़ के बजाय सुकून मिलेगा क्योंकि ASI ने पर्यटकों की संख्या सीमित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए IIT Delhi की एक टीम ने सर्वे शुरू किया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से यह तय किया जा सके कि एक समय में कितने लोग अंदर जा सकते हैं।
IIT Delhi की टीम ने सर्वे में क्या देखा
शनिवार, 9 मई 2026 को IIT Delhi के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विशेषज्ञों ने ताजमहल का दौरा किया। टीम ने मुख्य मकबरे और पूर्वी गेट पर पर्यटकों के आने-जाने के समय का अध्ययन किया। विशेषज्ञों ने यह भी देखा कि लोग रॉयल गेट और अन्य खास जगहों पर कितना समय बिताते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में ASI के उत्तरी क्षेत्र के निदेशक वसंत कुमार स्वर्णकार और आगरा सर्कल की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिता कुमार भी मौजूद रहे।
पर्यटकों की संख्या सीमित करने की जरूरत क्यों पड़ी
ताजमहल में रोजाना करीब 25,000 से 30,000 लोग आते हैं, लेकिन शनिवार-रविवार और छुट्टियों के दिन यह संख्या 50,000 के पार चली जाती है। 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मुफ्त प्रवेश होने के कारण भीड़ और बढ़ जाती है। उच्चतम न्यायालय और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) ने इस भीड़ को कम करने की सिफारिश की थी ताकि स्मारक को नुकसान न पहुंचे और लोगों को परेशानी न हो।
आगे क्या होगा और कौन सी संस्थाएं शामिल हैं
IIT Delhi जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट ASI को सौंपेगी, जिसके बाद यह तय होगा कि स्मारक परिसर के अंदर एक समय में अधिकतम कितने पर्यटकों को अनुमति देनी है। इस काम में ASI, IIT Delhi और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश शामिल हैं। इससे पहले 2015 में NEERI की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य मकबरे के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था, अब उसी तरह वैज्ञानिक तरीके से भीड़ का प्रबंधन किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ताजमहल में पर्यटकों की संख्या क्यों सीमित की जा रही है?
भीड़भाड़ को कम करने और स्मारक के संरक्षण के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और CEC की सिफारिशों के बाद अब वैज्ञानिक तरीके से ‘कैरीइंग कैपेसिटी’ तय की जाएगी।
IIT Delhi की टीम ने सर्वे के दौरान क्या जांचा?
टीम ने पर्यटकों के प्रवेश समय, रॉयल गेट पर रुकने की अवधि और फोटोग्राफी पॉइंट्स का निरीक्षण किया ताकि यह पता चल सके कि लोग परिसर में कितना समय बिताते हैं।