West Bengal: शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में बड़ी कामयाबी, लखनऊ के होटल से विकास मिश्रा गिरफ्तार

West Bengal: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में CBI को एक बड़ी सफलता मिली है। जांच टीम ने लखनऊ के एक होटल में छापेमारी कर आरोपी विकास मिश्रा को गिरफ्तार कर

West Bengal: पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में CBI को एक बड़ी सफलता मिली है। जांच टीम ने लखनऊ के एक होटल में छापेमारी कर आरोपी विकास मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई 6 जून, 2026 को की गई। इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और साजिश की परतें खुल रही हैं।

कौन-कौन हुए गिरफ्तार और किसने किया सरेंडर?

इस हत्याकांड में CBI ने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कई आरोपियों को पकड़ा है। बलिया से ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु ने 4 जून, 2026 को अदालत में सरेंडर किया, जिस पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, बलिया से ही गोलू सिंह को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर बंगाल ले जाया गया है। मई 2026 में गाजीपुर से विनय राय उर्फ पमपम को पकड़ा गया था, जबकि राज सिंह और राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी।

हत्या की साजिश और अब तक की जांच क्या कहती है?

चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई, 2026 की रात मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर की गई थी। हमलावरों ने इस वारदात के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली कार और बाइक का इस्तेमाल किया था। CBI अब इस बात की जांच कर रही है कि इस मर्डर की फंडिंग कहां से हुई और इसमें किन लोगों ने मुख्य भूमिका निभाई। शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है और कहा था कि यह उनके लिए एक बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है।

अब तक पकड़े गए मुख्य आरोपियों की लिस्ट

आरोपी का नाम जगह/विवरण
विकास मिश्रा लखनऊ (होटल से गिरफ्तार)
ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु बलिया (सरेंडर किया)
गोलू सिंह बलिया (गिरफ्तार)
विनय राय उर्फ पमपम गाजीपुर (साजिश में शामिल)
राज सिंह और राजकुमार सिंह बलिया (गिरफ्तार)
मयंक मिश्रा और विक्की मौर्या कोलकाता SIT द्वारा गिरफ्तार

Frequently Asked Questions (FAQs)

चंद्रनाथ रथ की हत्या कब और कैसे हुई थी?

चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई, 2026 की रात पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर की गई थी। हमलावरों ने वारदात के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल किया था।

इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?

इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जबकि शुरुआती जांच में कोलकाता SIT भी शामिल थी।