Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट बढ़ा है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने ईंधन बचाने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मो
Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने ईंधन बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट बढ़ा है, जिसे देखते हुए केंद्र सरकार ने ईंधन बचाने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और केंद्र की गाइडलाइंस के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने कामकाज के तरीके में बदलाव किया है।
सुप्रीम कोर्ट में अब कैसे होगी सुनवाई?
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद यह तय हुआ है कि सोमवार और शुक्रवार को होने वाली सभी सुनवाई अब सिर्फ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी। जून और जुलाई के महीने में जो आंशिक कार्य दिवस (partial working days) होंगे, उनमें भी वर्चुअल सुनवाई ही चलेगी। कोर्ट की रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर लिंक भेजें और तकनीकी दिक्कतों को दूर रखें ताकि किसी को परेशानी न हो।
जजों और स्टाफ के लिए क्या नियम आए हैं?
ईंधन की खपत कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज अब आपस में कार-पूलिंग करेंगे। इसके अलावा कोर्ट के स्टाफ के लिए भी नए नियम बनाए गए हैं। रजिस्ट्री स्टाफ के 50% लोग हफ्ते में दो दिन घर से काम (Work From Home) कर सकेंगे। इसके लिए रजिस्ट्रार साप्ताहिक रोस्टर तैयार करेंगे ताकि कोर्ट का काम न रुके। घर से काम करने वाले स्टाफ को फोन पर उपलब्ध रहना होगा और जरूरत पड़ने पर ऑफिस आना होगा।
यह फैसला कब से लागू होगा?
यह सभी निर्देश 15 मई 2026 को लिए गए हैं। यह कदम कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 12 मई 2026 को जारी किए गए ऑफिस मेमोरेंडम के बाद उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के महासचिव Bharat Parashar ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुप्रीम कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई कब-कब होगी?
सोमवार और शुक्रवार को होने वाले सभी मामले अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुने जाएंगे। जून और जुलाई के आंशिक कार्य दिवसों में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
स्टाफ के लिए वर्क फ्रॉम होम के क्या नियम हैं?
रजिस्ट्री स्टाफ का 50% हिस्सा रोटेशन के आधार पर हफ्ते में अधिकतम दो दिन घर से काम कर सकता है, बशर्ते वे फोन पर उपलब्ध रहें।