Delhi दंगों का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने रोका हाई कोर्ट का आदेश, देवंगना कलिता को नहीं मिलेंगे मालखाना के दस्तावेज

Delhi: साल 2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें आरोपी देवंगना कलिता को जांच के दौरान जमा किए गए ‘माल

Delhi: साल 2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें आरोपी देवंगना कलिता को जांच के दौरान जमा किए गए ‘मालखाना’ के उन दस्तावेजों को देखने की अनुमति दी गई थी, जिनका इस्तेमाल पुलिस ने चार्जशीट में नहीं किया था।

सोमवार को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने दिल्ली पुलिस की अपील पर यह रोक लगाई। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा था कि जब तक आरोप तय नहीं हो जाते, तब तक आरोपी को उन दस्तावेजों को देखने का हक नहीं है जिन पर अभियोजन पक्ष भरोसा नहीं कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है। इस अंतरिम आदेश के बाद अब ट्रायल कोर्ट देवंगना कलिता के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।

इस मामले की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:

मुख्य बिंदु विवरण
मामला 2020 दिल्ली दंगे (बड़ी साजिश मामला – FIR 59/2020)
मुख्य आरोपी देवंगना कलिता (पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट)
विवाद का कारण मालखाना के अनरिलाइड (Unrelied) दस्तावेजों का निरीक्षण
हाई कोर्ट का आदेश 5 जून 2026 को निरीक्षण की अनुमति दी थी
सुप्रीम कोर्ट का फैसला 20 जुलाई 2026 को हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
पुलिस का तर्क दस्तावेजों की मांग केस में देरी करने की एक रणनीति है

देवंगना कलिता का कहना था कि विरोध प्रदर्शन के वीडियो और पुलिस के व्हाट्सएप चैट उन्हें यह साबित करने में मदद करेंगे कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि आरोप तय करने के चरण में ऐसे दस्तावेजों के आधार पर बचाव की दलील देना अभी समय से पहले है। इस केस में उमर खालिद, शरजील इमाम और साफूरा जरगर जैसे अन्य लोग भी आरोपी हैं।