Delhi और Lucknow अग्निकांड पर Supreme Court सख्त, नगर निकायों को फटकार; अधिकारियों पर होगी अवमानना की कार्रवाई

Delhi/Lucknow: दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई आग की भीषण घटनाओं और NCR में बिना मंजूरी के बन रहे अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने नगर निकायों की लापरवाही पर फटकार लगाते हुए साफ कह दिया

Delhi/Lucknow: दिल्ली और लखनऊ में हाल ही में हुई आग की भीषण घटनाओं और NCR में बिना मंजूरी के बन रहे अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने नगर निकायों की लापरवाही पर फटकार लगाते हुए साफ कह दिया है कि अब निर्देशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। अगर अधिकारी काम में ढिलाई बरतते हैं, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली के मालवीय नगर में 3 जून को लगी आग और लखनऊ के अलीगंज में 22 जून को हुए अग्निकांड का जिक्र किया। इन दोनों हादसों में कुल 38 लोगों की जान गई थी। कोर्ट ने कहा कि ये घटनाएं किसी एक गलती से नहीं, बल्कि सिस्टम की कई खामियों की वजह से हुईं। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने MCD, गुरुग्राम और लखनऊ के नगर निकायों को चेतावनी दी कि वे अवैध ढांचों को सील करने और गिराने के आदेशों का पालन करें।

कोर्ट ने दिल्ली के साकेत, लाजपत नगर और सरोजिनी नगर के साथ-साथ लखनऊ के अलीगंज इलाके में अनधिकृत निर्माणों की जांच के लिए IIT Delhi के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बनाने का निर्देश दिया है। इस टीम में सिविल विभाग के दो प्रोफेसर और दो ड्राफ्ट्समैन शामिल होंगे। इसके अलावा, गुरुग्राम की एक रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने चिंता जताई कि वहां करीब 93% इमारतों में अग्नि सुरक्षा के जरूरी नियम लागू नहीं हैं।

अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी। कोर्ट ने गुरुग्राम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और लखनऊ नगर निगम के आयुक्त को आदेश दिया है कि वे अगली सुनवाई में खुद मौजूद रहें और अब तक किए गए काम की रिपोर्ट पेश करें। वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा को इस पूरे मामले में न्यायमित्र नियुक्त किया गया है, जिन्होंने अग्नि सुरक्षा और अवैध निर्माणों पर अपनी रिपोर्ट दाखिल की है।