Lucknow कोचिंग अग्निकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, LDA को अवमानना नोटिस और उपाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश
Lucknow: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में जून 2026 में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बहुत कड़ा रुख अपनाया है और लखनऊ विकास प्राधिकरण
Lucknow: लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में जून 2026 में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बहुत कड़ा रुख अपनाया है और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को कोर्ट की अवमानना का नोटिस जारी किया है। अदालत ने LDA के उपाध्यक्ष को अगली सुनवाई पर खुद पेश होकर जवाब देने को कहा है।
अदालत ने पाया कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसे गिराने का आदेश 10 मई 2016 को ही जारी कर दिया गया था। लेकिन 5 जुलाई 2016 को LDA ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर इस आदेश को वापस ले लिया और उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि रिहायशी इमारतों का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए हो रहा था और अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता और एमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि विध्वंस का आदेश होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि आवासीय इमारतों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करना जरूरी है। कोर्ट ने अब SIT (विशेष जांच टीम) से इस पूरे हादसे की जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में मांगी है।
अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई में लापरवाही मिली, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। LDA उपाध्यक्ष को अब यह बताना होगा कि कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों न की जाए।