Supreme Court में हंगामा करने वाले Lucknow University के 2 छात्र गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR
Delhi: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने और सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो कानून के छात्रों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों छात्र Lucknow University के हैं और पिछले हफ्ते कोर्ट
Delhi: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में बाधा डालने और सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो कानून के छात्रों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों छात्र Lucknow University के हैं और पिछले हफ्ते कोर्ट रूम के अंदर हंगामा करने के आरोपी हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है जिसने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की थी।
यह पूरी घटना 10 जुलाई 2026 को हुई थी। लखनऊ यूनिवर्सिटी के तीसरे साल के छात्र प्रबल प्रताप सिंह (24) और दूसरे साल के छात्र चंद्र भान (23) ने कोर्ट की सुनवाई के दौरान शोर-शराबा किया। प्रबल प्रताप सिंह इस केस में खुद याचिकाकर्ता के तौर पर पेश हुए थे। आरोप है कि प्रबल ने कोर्ट रूम नंबर 13 में कागज फेंके और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।
इस मामले में तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 221, 224 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं सरकारी कर्मचारी पर हमला करने, काम में बाधा डालने और धमकी देने से जुड़ी हैं। दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच के दौरान पुलिस को उनके पास से आपत्तिजनक भाषा वाले कुछ पंपलेट भी मिले हैं।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने इस मामले में छात्रों के खिलाफ अवमानना (Contempt) की कार्यवाही नहीं शुरू करने का फैसला लिया, लेकिन उनकी स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज कर दिया। कोर्ट के निर्देश पर दोनों छात्रों का IHBAS में मेडिकल टेस्ट भी कराया गया, जिसमें उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ पाया गया है।