Lucknow में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी कार्रवाई, Google Street View से पकड़े गए 51 ठिकाने
Lucknow: सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में अवैध निर्माणों की पहचान के लिए पहली बार Google Street View तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से शहर में 51 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है। यह पूरी कार्रवाई अलीगंज
Lucknow: सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में अवैध निर्माणों की पहचान के लिए पहली बार Google Street View तकनीक का इस्तेमाल किया है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से शहर में 51 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया गया है। यह पूरी कार्रवाई अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शुरू हुई है, जिसने प्रशासन और कोर्ट का ध्यान इन असुरक्षित इमारतों की ओर खींचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक न्यायमित्र (Amicus Curiae) को नियुक्त किया है। यह न्यायमित्र 24 अगस्त 2026 को लखनऊ आएंगे और इन 51 चिह्नित इमारतों की जमीनी हकीकत की जांच करेंगे। जांच के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीर्ष अदालत में पेश करेंगे, जिसके आधार पर सितंबर के मध्य में इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
बता दें कि 22 जून 2026 को अलीगंज के सेक्टर-डी में एक अवैध व्यावसायिक परिसर में आग लगी थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में 12 अगस्त को दर्जनों घरों पर नोटिस भी चिपकाए गए।
LDA ने इन 51 भवनों की एक पूरी लिस्ट तैयार की है। इसमें यह जानकारी दी गई है कि इमारतें कितनी मंजिल की हैं, कब बनीं और उस समय कौन से अधिकारी तैनात थे। खास बात यह है कि इन चिह्नित संपत्तियों में कुछ पूर्व राज्यपाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री, विधायक और बड़े कारोबारियों के ठिकाने भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अवैध और असुरक्षित इमारतों के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। अदालत ने आवासीय इलाकों में अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों पर चिंता जताई है क्योंकि इससे आम लोगों की जान को खतरा रहता है। साथ ही राज्यों को इस संबंध में नई नीति बनाने की सलाह भी दी गई है।