Delhi: साल 2026 में भारत को एक बहुत शक्तिशाली ‘सुपर अल नीनो’ का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों और IMD के मुताबिक, इससे देश में गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ेगी और मानसून पर भी बुरा असर पड़ेगा। दिल्ली, हरियाण
Delhi: साल 2026 में भारत को एक बहुत शक्तिशाली ‘सुपर अल नीनो’ का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों और IMD के मुताबिक, इससे देश में गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ेगी और मानसून पर भी बुरा असर पड़ेगा। दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले से ही रात का तापमान काफी ज्यादा बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सुपर अल नीनो का मौसम और मानसून पर क्या असर होगा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। विभाग के मुताबिक, औसत 870 मिमी की जगह लगभग 800 मिमी वर्षा हो सकती है। मई और जुलाई 2026 के बीच अल नीनो की स्थिति बन सकती है, जो साल के अंत तक और मजबूत होगी। इससे बारिश में देरी हो सकती है और खेती-किसानी पर असर पड़ने की संभावना है।
गर्मी और लू का कितना खतरा है?
IMD ने अप्रैल से जून के बीच उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से ज्यादा लू वाले दिन रहने की भविष्यवाणी की है। दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चेतावनी दी है कि महासागर का तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे अत्यधिक गर्मी और अकाल जैसा खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, मई 2026 में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों की राय और राहत की उम्मीद
स्काईमेट के अध्यक्ष एवीएम जीपी शर्मा के अनुसार, अल नीनो जून 2026 से मौसम के पैटर्न को बिगाड़ेगा और अक्टूबर-नवंबर में अपने चरम पर होगा। वहीं, राहत की बात यह है कि अगर हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) सकारात्मक रहता है, तो वह अल नीनो के बुरे असर को कुछ हद तक कम कर सकता है। यूरेशियन क्षेत्र में कम बर्फबारी भी मानसून के लिए अच्छी मानी जाती है, जो इस स्थिति में मददगार साबित हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुपर अल नीनो 2026 से दिल्ली और भारत पर क्या असर होगा?
इससे भीषण गर्मी बढ़ेगी और मानसून सामान्य से कम रह सकता है। IMD ने बारिश का अनुमान औसत के 92% (लगभग 800 मिमी) रहने का जताया है, जिससे पानी की कमी और लू का खतरा बढ़ सकता है।
क्या इस भीषण गर्मी से बचने का कोई रास्ता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सकारात्मक IOD (हिंद महासागर द्विध्रुव) विकसित होता है, तो वह अल नीनो के प्रभाव को कम कर सकता है। साथ ही, मई 2026 में कुछ क्षेत्रों में अधिक बारिश से राहत मिल सकती है।