Bihar: सुपौल जिले में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस सख्ती का असर ऐसा हुआ कि चकला निर्मली के धोबी टोला में रहने वाले लोगों ने प्रशासन के बुलडोजर चलने का इंतजार नहीं किया और खुद ह
Bihar: सुपौल जिले में रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस सख्ती का असर ऐसा हुआ कि चकला निर्मली के धोबी टोला में रहने वाले लोगों ने प्रशासन के बुलडोजर चलने का इंतजार नहीं किया और खुद ही अपने घर और दुकानें तोड़नी शुरू कर दीं। गुरुवार सुबह से ही इस इलाके में काफी अफरा-तफरी मची रही।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में अब तक क्या हुआ
प्रशासन ने यह अभियान रेलवे की जमीन को खाली कराने के लिए चलाया है ताकि ट्रैक विस्तार और अन्य प्रोजेक्ट्स का काम पूरा किया जा सके। बुधवार 14 अप्रैल को जिला मुख्यालय के पास इंजीनियरिंग कॉलेज से मेला समिति मैदान तक करीब छह दर्जन घर और सैकड़ों अस्थायी दुकानें गिराई गईं। लोहिया नगर चौक से मेला रोड तक भी कार्रवाई हुई, जिससे कई महादलित परिवार बेघर हो गए हैं।
प्रभावित लोगों की स्थिति और प्रशासन का पक्ष
इस कार्रवाई से उन परिवारों पर भारी संकट आ गया है जो पिछले 20 से 60 साल से यहां रह रहे थे। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं दी गई और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर कर दिया गया। वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले नोटिस दिए गए थे और यह पूरी प्रक्रिया पूर्व निर्धारित योजना के तहत की जा रही है।
कार्रवाई का मुख्य विवरण
| विवरण |
जानकारी |
| प्रभावित क्षेत्र |
चकला निर्मली (धोबी टोला), लोहिया नगर चौक, मेला रोड |
| मुख्य कारण |
रेलवे ट्रैक विस्तार और जमीन खाली कराना |
| प्रभावित लोग |
सैकड़ों परिवार (मुख्य रूप से महादलित परिवार) |
| शामिल विभाग |
रेलवे प्रशासन, जिला प्रशासन, सीओ और पुलिस बल |