Supaul में कोसी नदी का कहर, बेला गोठ और किशनपुर में घर समाए, पलायन को मजबूर हुए ग्रामीण
Bihar/Supaul: सुपौल जिले के किशनपुर और बेला गोठ इलाके में कोसी नदी का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। नदी की लहरें अब गांवों के भीतर घुस चुकी हैं, जिससे लोगों के घर एक-एक कर नदी में गिर रहे हैं। अपनी जमीन और छत खोने के बाद ग्रा
Bihar/Supaul: सुपौल जिले के किशनपुर और बेला गोठ इलाके में कोसी नदी का कटाव तेजी से बढ़ रहा है। नदी की लहरें अब गांवों के भीतर घुस चुकी हैं, जिससे लोगों के घर एक-एक कर नदी में गिर रहे हैं। अपनी जमीन और छत खोने के बाद ग्रामीण अब पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं।
नेपाल में हुई भारी बारिश की वजह से कोसी बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया है। 12 जुलाई 2026 को बैराज के 56 गेटों में से 17 गेट खोले गए थे, जिससे 1.30 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अगले ही दिन यानी 13 जुलाई को यह मात्रा बढ़कर 1.72 लाख क्यूसेक हो गई और 20 गेट खोलने पड़े। पानी के इस बढ़ते दबाव ने तटबंध के भीतर बसे गांवों में कटाव को और गंभीर बना दिया है।
दुबियाही पंचायत के वार्ड 6 स्थित बेला गोठ और किशनपुर के लोग भारी दहशत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने जुलाई की शुरुआत में बांस पाइलिंग का काम शुरू किया था, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा। लोगों ने आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में न तो स्थानीय जनप्रतिनिधि उनके पास आ रहे हैं और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस मदद मिल रही है।
इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी अंचलाधिकारी (CO) मोहम्मद जियाउल कमर ने कहा कि कटाव की स्थिति के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को दोबारा सूचित किया जाएगा। वहीं, वीरपुर के बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि कोसी नदी की स्थिति फिलहाल सामान्य है और सभी सुरक्षा ढांचे सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इंजीनियर संवेदनशील जगहों की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।