Maharashtra: महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम Sunetra Ajit Pawar को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने उनके दिवंगत पति Ajit Anantrao Pawar के नाम पर लगाए गए 32.14 करोड़ रुपये की कथित ‘
Maharashtra: महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम Sunetra Ajit Pawar को इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने उनके दिवंगत पति Ajit Anantrao Pawar के नाम पर लगाए गए 32.14 करोड़ रुपये की कथित ‘अघोषित आय’ की कार्यवाही को पूरी तरह रद्द कर दिया है। Sunetra Pawar ने यह राहत अपने पति के कानूनी वारिस के तौर पर हासिल की है।
ITAT ने यह फैसला क्यों सुनाया?
ITAT मुंबई ने पाया कि आयकर विभाग के पास इस आय को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं थे। विभाग ने Triton Group की तलाशी के दौरान मिली कुछ डायरियों में लिखे ‘DD’ कोड को Ajit Pawar से जोड़ने की कोशिश की थी। कोर्ट ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर किसी पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता। ट्रिब्यूनल ने साफ किया कि बिना किसी पुख्ता सबूत के केवल रफ कागजों या डिजिटल डेटा के आधार पर आय नहीं जोड़ी जा सकती।
मामले की मुख्य बातें क्या थीं?
- कुल राशि: 32.14 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय का मामला था।
- तारीख: ITAT ने अपना यह आदेश 20 अप्रैल 2026 को सुनाया।
- विवाद की जड़: Triton Group की तलाशी में मिले दस्तावेजों और ‘DD’ कोड पर विवाद था।
- कोर्ट की टिप्पणी: Truecaller डेटा या फोन कॉन्टैक्ट्स को कानूनी तौर पर भरोसेमंद सबूत नहीं माना जा सकता।
अब आगे क्या होगा?
ट्रिब्यूनल ने आयकर विभाग की अपील को खारिज कर दिया है और सेक्शन 153C के तहत की गई पूरी कार्यवाही को शून्य घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि अब 32.14 करोड़ रुपये की इस अतिरिक्त आय का मामला खत्म हो गया है। यह फैसला उन लोगों के लिए भी उदाहरण है जहां तीसरे पक्ष के दस्तावेजों के आधार पर टैक्स निर्धारण किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Sunetra Pawar को कितनी राशि की राहत मिली है?
ITAT ने उनके दिवंगत पति के नाम पर लगाए गए 32.14 करोड़ रुपये की कथित अघोषित आय की कार्यवाही को रद्द कर दिया है।
आयकर विभाग ने किस आधार पर यह आरोप लगाया था?
विभाग ने Triton Group की तलाशी में मिली डायरियों में लिखे ‘DD’ कोड को Ajit Pawar से जोड़ने का दावा किया था।