Sultanganj में पशु टीकाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण सेवाएं ठप
Bhagalpur/Sultanganj: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में पशुपालन विभाग के पशु मैत्री और टीकाकर्मियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण और अन्य
Bhagalpur/Sultanganj: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में पशुपालन विभाग के पशु मैत्री और टीकाकर्मियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह रुक गई हैं। यह विरोध प्रदर्शन बिहार राज्य पशु मैत्री संघ (गोपगुट महासंघ) के आह्वान पर किया जा रहा है, जिसके तहत बेगूसराय, कैमूर और हाजीपुर जैसे अन्य जिलों में भी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं।
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से विभागीय निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नियमित मासिक मानदेय नहीं मिल रहा है। उनकी मुख्य मांगों में नियमित मानदेय लागू करना, टीकाकरण पर मिलने वाले 5 रुपये के भुगतान को बढ़ाकर 20-25 रुपये करना और काम के दौरान सुरक्षा के साथ 10 लाख रुपये का जीवन बीमा देना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारी अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के लिए मुफ्त सामग्री की मांग कर रहे हैं।
इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण अभियान पर पड़ने की आशंका है, जो 22 जुलाई 2026 से 45 दिनों तक चलना था। हाजीपुर और बेगूसराय जैसे जिलों में भी टीकाकर्मियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, वे टीकाकरण कार्य में शामिल नहीं होंगे। गौरतलब है कि पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने दिसंबर 2025 में इन मांगों को जायज बताते हुए कदम उठाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।