Delhi: मशहूर पत्रकार Sucheta Dalal ने दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें Manoj Sandesara को Sterling Biotech बैंक फ्रॉड से जोड़ने वाली खबरों पर रोक लगा दी गई थी। यह मामला अभ
Delhi: मशहूर पत्रकार Sucheta Dalal ने दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें Manoj Sandesara को Sterling Biotech बैंक फ्रॉड से जोड़ने वाली खबरों पर रोक लगा दी गई थी। यह मामला अभिव्यक्ति की आजादी और किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा के बीच की कानूनी लड़ाई बन गया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों लगी रोक
Tis Hazari कोर्ट की सीनियर सिविल जज Richa Sharma ने 4 अप्रैल 2026 को एक अंतरिम आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत Google और Meta जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया कि वे Manoj Kesarichand Sandesara और उनके परिवार से जुड़ी कथित मानहानिकारक सामग्री को हटा दें। कोर्ट का मानना था कि ऐसी खबरों से परिवार की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति हो सकती है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत ‘Right to be Forgotten’ (भूल जाने के अधिकार) और प्रतिष्ठा की सुरक्षा की बात कही।
Sucheta Dalal ने अदालत में क्या दलील दी
Sucheta Dalal की संस्था Moneywise Media LLP ने इस रोक के खिलाफ अपील की है। उनकी मुख्य दलीलें इस प्रकार हैं:
- कोर्ट का आदेश बहुत व्यापक है और इसमें यह साफ नहीं किया गया कि कौन सी खबर मानहानिकारक है।
- यह आदेश बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन करता है।
- Moneywise Media को इस मामले में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया।
- संस्था को केवल टेकडाउन नोटिस मिलने के बाद ही इस कानूनी कार्रवाई का पता चला।
मामले की अब तक की टाइमलाइन और अपडेट
| तारीख |
घटना |
| 4 अप्रैल 2026 |
सीनियर सिविल जज Richa Sharma ने अंतरिम रोक लगाई। |
| 9 अप्रैल 2026 |
Google और अन्य प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने का आदेश मिला। |
| 13 अप्रैल 2026 |
Sucheta Dalal ने चुनौती दी, जिला जज Vinod Kumar Meena ने नोटिस जारी किए। |
| 29 अप्रैल 2026 |
इस मामले की अगली सुनवाई तय की गई है। |
बता दें कि नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने Sterling Biotech के प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही हटाने की अनुमति दी थी। यह फैसला 5,100 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर लिया गया था, जिसे दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया गया।