Ladakh से London तक छात्रों का हल्लाबोल, NEET और शिक्षा सुधारों को लेकर देशभर में प्रदर्शन

Delhi: देश के अलग-अलग शहरों में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। लद्दाख से लेकर लंदन तक और मुंबई से हैदराबाद तक शिक्षा प्रणाली में सुधार और NEET परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र निष्पक्ष

Delhi: देश के अलग-अलग शहरों में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। लद्दाख से लेकर लंदन तक और मुंबई से हैदराबाद तक शिक्षा प्रणाली में सुधार और NEET परीक्षा की गड़बड़ियों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ है।

दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने धारा 163 BNSS लागू की थी। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, मशहूर एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें अस्पताल ले जाने की पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

मुंबई में स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। पुलिस ने पिछले तीन दिनों के प्रदर्शनों के सिलसिले में करीब 900 लोगों पर केस दर्ज किया है, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के छात्र हैं। इन छात्रों को व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजे गए। मुंबई यूनिवर्सिटी की सीनेट ने NEET प्रदर्शनकारियों के समर्थन में एक प्रस्ताव पास किया और पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) ने भी केंद्र सरकार के रवैये की आलोचना की है।

हैदराबाद में भारी बारिश के बावजूद छात्रों ने प्रदर्शन किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने भी छात्रों के समर्थन में विरोध जताया। लेफ्ट छात्र संगठनों ने शुक्रवार, 24 जुलाई को सभी शिक्षण संस्थानों में बंद का आह्वान किया है। वहीं, इंदौर में 1,000 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए और देहरादून में सचिवालय के पास पुलिस के साथ झड़पें हुईं। वडोदरा में भी पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने वाले नौ लोगों को हिरासत में लिया।

यह आंदोलन अब भारत की सीमाओं से बाहर निकल गया है। लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर हजारों छात्रों ने रैली निकाली। इसके अलावा न्यूयॉर्क, सैन जोस, डबलिन, एडिनबर्ग और मैनचेस्टर में भी विरोध प्रदर्शन हुए। SFI-UK और ‘हिंदुस फॉर ह्यूमन राइट्स’ जैसे समूहों ने पारदर्शी शिक्षा प्रणाली की मांग की है।

लद्दाख में कारगिल और लेह के छात्रों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर Sonam Wangchuk के प्रति एकजुटता दिखाई। कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की है। विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, आप और समाजवादी पार्टी ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है।