Assam और Bihar में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस, Delhi Police ने कहा- जंतर-मंतर के केस नहीं होंगे खत्म
Assam/Bihar/Delhi: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर बड़ी खबर आई है। असम और बिहार सरकार ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लेने का फैसला किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मा
Assam/Bihar/Delhi: NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर बड़ी खबर आई है। असम और बिहार सरकार ने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लेने का फैसला किया है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि जंतर-मंतर और संसद मार्च से जुड़े केस वापस नहीं लिए जाएंगे।
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक जिन लोगों के खिलाफ FIR, आपराधिक शिकायत या कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें वापस ले लिया जाएगा। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस समय सीमा से पहले की घटनाओं के लिए प्रदर्शनकारियों पर कोई सीधा या अप्रत्यक्ष एक्शन नहीं होगा।
इसी तरह असम सरकार ने भी प्रेस नोट जारी कर बताया कि सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के केस बंद किए जा रहे हैं। सरकार ने कहा है कि किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके साथ ही गिरफ्तार किए गए 13 लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि जंतर-मंतर आंदोलन और संसद मार्च से जुड़ी FIR वापस नहीं होंगी। इस बीच Cockroach Janta Party (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने सरकार पर वादे खिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन हुआ है और अगर सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर केस वापस नहीं लिए गए, तो दिल्ली में फिर से बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
यह पूरा विवाद 6 जून 2026 को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था, जहां तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। CJP ने मंगलवार 29 जुलाई तक सरकार से लिखित आश्वासन मांगा है। वहीं योगेंद्र यादव ने इस आंदोलन को बीजेपी की साजिश बताने वालों पर तंज कसा है।