Delhi: साउथ दिल्ली के पॉश इलाकों में लग्जरी घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं। Golden Growth Fund (GGF) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में यहां प्रीमियम बिल्डर फ्लोर की कीमतों में सालाना 32% तक की बढ़ोतरी हुई ह
Delhi: साउथ दिल्ली के पॉश इलाकों में लग्जरी घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं। Golden Growth Fund (GGF) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही में यहां प्रीमियम बिल्डर फ्लोर की कीमतों में सालाना 32% तक की बढ़ोतरी हुई है। अब 2500 स्क्वॉयर फीट के फ्लैट के लिए खरीदारों को 14 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
साउथ दिल्ली में फ्लैट्स की नई कीमतें और ग्रोथ
शहर के अलग-अलग इलाकों में कीमतों का असर अलग-अलग दिख रहा है। कैटेगरी ए और बी कॉलोनियों में मांग बढ़ने से दाम तेजी से बढ़े हैं। इसकी पूरी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:
| प्रॉपर्टी टाइप |
इलाका (कैटेगरी) |
कीमत (रुपये में) |
सालाना बढ़त |
| 2500 sq ft फ्लैट |
कैटेगरी ए |
14 करोड़ – 25 करोड़ |
22% |
| 2500 sq ft फ्लैट |
कैटेगरी बी |
9 करोड़ – 12.5 करोड़ |
23% |
| 6000 sq ft फ्लैट |
अल्ट्रा लग्जरी |
25 करोड़ – 55 करोड़ |
14% |
सर्कल रेट में बदलाव और नए नियम
दिल्ली सरकार 2026 की पहली छमाही में सर्कल रेट्स में बड़ा बदलाव करने वाली है। करीब एक दशक बाद होने वाले इस बदलाव से रजिस्ट्री की लागत और स्टांप ड्यूटी बढ़ सकती है। अनुमान है कि विभिन्न श्रेणियों में सर्कल दरें 30% तक बढ़ जाएंगी। पृथ्वीराज रोड और जोर बाग जैसे इलाकों के लिए ‘कैटेगरी ए+’ नाम की नई श्रेणी बनाने का प्रस्ताव है, क्योंकि यहां बाजार भाव सरकारी रेट से 4-5 गुना ज्यादा हैं।
कीमतें बढ़ने की वजह और टैक्स का गणित
GGF के CEO अंकुर जालान ने बताया कि सीमित जमीन और ज्यादा मांग की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं। साथ ही धनी परिवारों का इन इलाकों की तरफ रुझान और पुराने घरों का पुनर्विकास भी मुख्य कारण है। टैक्स की बात करें तो रेडी-टू-मूव घरों पर 0% GST लगता है, जबकि निर्माणाधीन लग्जरी प्रॉपर्टी पर 5% GST देना होगा। नई खरीद पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स 12.5% तय किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साउथ दिल्ली के किन इलाकों में कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं?
कैटेगरी ए कॉलोनियों जैसे वसंत विहार, गोल्फ लिंक्स और जोर बाग में कीमतें 14 से 25 करोड़ के बीच हैं, जबकि कैटेगरी बी के इलाकों जैसे ग्रेटर कैलाश और डिफेंस कॉलोनी में 9 से 12.5 करोड़ तक पहुंच गई हैं।
सर्कल रेट बढ़ने से खरीदारों पर क्या असर पड़ेगा?
सर्कल रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के समय लगने वाला स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क बढ़ जाएगा, जिससे घर खरीदने की कुल लागत महंगी हो जाएगी।