Delhi के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी, 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान

Delhi: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 28 जून 2026 से शुरू हुआ यह अनशन 11 जुलाई तक 14वें दिन में पहुंच गया। वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे उन्हें कोई हीरो या आधुनिक ग

Delhi: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 28 जून 2026 से शुरू हुआ यह अनशन 11 जुलाई तक 14वें दिन में पहुंच गया। वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे उन्हें कोई हीरो या आधुनिक गांधी न समझें, बल्कि हर व्यक्ति को अपना हीरो खुद बनना चाहिए।

परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ यह आंदोलन तेज होता जा रहा है। सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई 2026 को मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च निकालने का फैसला किया है। CJP का विरोध प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था और 11 जुलाई को इसे 22 दिन पूरे हो गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने बातचीत नहीं की, तो वे इस मार्च के साथ आगे बढ़ेंगे।

स्वास्थ्य की बात करें तो अनशन के कारण वांगचुक का वजन 7.5 किलोग्राम कम हो गया है और उनका ब्लड प्रेशर 106/74 मिमी एचजी दर्ज किया गया। 10 जुलाई की रात उन्होंने बताया कि वह पहले से कम ऊर्जा महसूस कर रहे हैं, लेकिन अपने लक्ष्य पर अडिग हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस पर आरोप लगा है कि उन्होंने भारी बारिश के दौरान प्रदर्शनकारियों को तरपाल लाने से रोका।

इस आंदोलन को अलग-अलग जगहों से समर्थन मिल रहा है। हरियाणा के पंचकूला में हरियाणा कांग्रेस ने कैंडललाइट मार्च निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत और भाकपा (मार्क्सवादी) नेता सुभाषिनी अली ने भी अपना समर्थन जताया है। दूसरी ओर, एआईएसए कार्यकर्ता हृषिकेश की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।