Delhi के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। मशहूर सोशल एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk रविवार, 28 जून 2026 को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वह Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन में श

Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। मशहूर सोशल एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk रविवार, 28 जून 2026 को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वह Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन में शामिल हुए हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

यह पूरा विवाद परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के आरोपों से जुड़ा है। CJP ने 20 जून 2026 से जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन शुरू किया था। सोनम वांगचुक ने पहले ही ऐलान किया था कि अगर सरकार 27 जून तक उनकी मांगों पर जवाब नहीं देती है, तो वह भूख हड़ताल करेंगे। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले वांगचुक और CJP के फाउंडर Abhijeet Dipke ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

CJP के फाउंडर Abhijeet Dipke ने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के कई किसान नेताओं को नजरबंद (house arrest) किया गया। उन्होंने दावा किया कि करीब 500 किसानों को रोका गया ताकि वे जंतर-मंतर न पहुंच सकें। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सर्व खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। प्रदर्शन की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ की गई।

दूसरी तरफ, शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने इस आंदोलन की आलोचना की है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि विपक्ष समर्थित समूह सिस्टम को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों को ‘आतंकवादियों की बी-टीम’ तक कह दिया और सवाल उठाया कि क्या वहां वाकई छात्र मौजूद हैं। इस बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

सोनम वांगचुक ने कहा कि वह अपनी मर्जी से नहीं बल्कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण यहां बैठने पर मजबूर हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब जवाबदेही खत्म हो जाती है, तब शांतिपूर्ण प्रदर्शन ही एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता बचता है। उनके समर्थन में All India Students’ Association (AISA) के सदस्यों ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला किया है। छत्तीसगढ़ का एक छात्र भी पिछले दो दिनों से प्रदर्शन स्थल पर भूख हड़ताल पर है।

शिक्षा मंत्रालय ने इन मांगों पर बातचीत की बात कही है और छात्रों व शिक्षकों के लिए फीडबैक फोरम बनाने पर जोर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि वे नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और डिजिटल सुधारों के जरिए शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बना रहे हैं।