Delhi के जंतर मंतर पर Sonam Wangchuk का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Delhi: जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सोमवार, 29 जून 2026 को उनकी हड़ताल का दूसरा दिन था। वह Cockroach Janata Party (CJP) द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन
Delhi: जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। सोमवार, 29 जून 2026 को उनकी हड़ताल का दूसरा दिन था। वह Cockroach Janata Party (CJP) द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं, जो 20 जून से जारी है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग NEET-UG विवाद और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का इस्तीफा है।
Sonam Wangchuk ने रविवार, 28 जून को राजघाट जाने के बाद अपना उपवास शुरू किया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा हिस्सा ले रहे हैं। All India Students’ Association (AISA) के छह सदस्य भी Wangchuk के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, National Education Policy (NEP) 2020 को वापस लिया जाए और National Testing Agency (NTA) को खत्म किया जाए।
इस बीच जंतर मंतर पर सुविधाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने आरोप लगाया कि Sonam Wangchuk के भूख हड़ताल की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने पानी के कनेक्शन और स्वच्छता सुविधाओं जैसे जरूरी इंतजाम बंद कर दिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई किसान नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया ताकि वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पुलिस ने इन दावों को गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस का कहना है कि ऐसी सुविधाओं को देने या बनाए रखने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। वहीं Sonam Wangchuk ने कहा कि जब जवाबदेही खत्म हो जाती है, तब शांतिपूर्ण विरोध ही एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता बचता है और उन्हें यहां बैठने के लिए मजबूर किया गया है।