Mumbai में उम्रकैद की सजा पाए 44 सोमाली समुद्री लुटेरों की मांग, अपने देश वापस जाकर भुगतना चाहते हैं सजा

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने हाल ही में 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा मिलने के तुरंत बाद इन सभी दोषियों ने भारत और सोमालिया की सरकारों से गुहार लगाई है कि उन्हें उनके देश वापस भेज

Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने हाल ही में 44 सोमाली समुद्री लुटेरों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा मिलने के तुरंत बाद इन सभी दोषियों ने भारत और सोमालिया की सरकारों से गुहार लगाई है कि उन्हें उनके देश वापस भेज दिया जाए ताकि वे वहां अपनी सजा पूरी कर सकें।

इन दोषियों ने 21 जुलाई 2026 के आसपास अपना आवेदन जमा किया था। इन्हें Maritime Anti-Piracy Act, 2022 के तहत दोषी पाया गया था और सभी ने अपना जुर्म कबूल किया था। फिलहाल ये सभी दोषी तलोजा सेंट्रल जेल में बंद हैं।

यह पूरी प्रक्रिया 2017 में भारत और सोमालिया के बीच हुए ‘Transfer of Sentenced Persons’ समझौते के तहत की जा रही है। इस संधि के मुताबिक, अगर दोनों देशों की सरकारें सहमत हों, तो किसी भी देश के नागरिक को उसकी सजा काटने के लिए उसके गृह देश भेजा जा सकता है। इसका मुख्य मकसद दोषियों को उनके परिवार के करीब रखना और उन्हें समाज में वापस लाने में मदद करना है।

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Ranjeet Sangle ने बताया कि दोषियों को जेल अधिकारियों के जरिए आवेदन करने की सलाह दी गई थी। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि इन कैदियों को सोमालिया भेजने का आखिरी फैसला पूरी तरह से भारत सरकार का होगा।

इस ट्रांसफर के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं, जैसे कि सजा अंतिम होनी चाहिए और कोई अपील बाकी न हो। साथ ही, कैदी की अपनी सहमति और दोनों देशों के सक्षम अधिकारियों की मंजूरी जरूरी है। अगर यह आवेदन स्वीकार होता है, तो भारत और सोमालिया के बीच इस संधि के तहत यह पहला मौका होगा जब किसी कैदी को ट्रांसफर किया जाएगा।

भारत में इस तरह के समझौतों को लागू करने के लिए Repatriation of Prisoners Act, 2003 का इस्तेमाल किया जाता है और गृह मंत्रालय (MHA) इस पूरी प्रक्रिया की देखरेख करता है।