Sitamadhi पुलिस ने 95 बच्चों को तस्करी से बचाया, बिहार में मिला दूसरा स्थान

Sitamadhi/Bihar: सीतामढ़ी पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत पुलिस ने 95 बच्चों को तस्करी और बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया है। इस बेहतरीन काम के लिए सीतामढ़ी

Sitamadhi/Bihar: सीतामढ़ी पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत पुलिस ने 95 बच्चों को तस्करी और बाल श्रम के चंगुल से मुक्त कराया है। इस बेहतरीन काम के लिए सीतामढ़ी पुलिस को बिहार राज्य में दूसरा स्थान मिला है।

यह सम्मान 30 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी निरोध दिवस के मौके पर पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया। डीजीपी विनय कुमार और एडीजी केएस अनुपम ने पुलिस टीम को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। यह पूरा अभियान एसपी अमित रंजन के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर ने मार्गदर्शन किया और मानव तस्करी निरोध इकाई के प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने टीम की कमान संभाली।

पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन नया सवेरा 2.0 और 3.0 के जरिए बच्चों को बचाया गया। इस अभियान में सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि बाल कल्याण पदाधिकारियों, सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी साथ मिलकर काम किया। लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, पंचायतों और सार्वजनिक जगहों पर प्रोग्राम किए गए। इसके अलावा 28 जुलाई को सीतामढ़ी पुलिस कार्यालय में एक कार्यशाला भी हुई, जिसमें तस्करी रोकने के तरीकों पर चर्चा हुई और हेल्पलाइन नंबर 92644 97210 जारी किया गया।

डीजीपी विनय कुमार ने बच्चों के अपहरण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि साल 2020 में अपहरण के 8,000 मामले थे, जो 2025 में बढ़कर 24,000 से ज्यादा हो गए हैं। हालांकि, बच्चों की बरामदगी दर 70 प्रतिशत रही है। एडीजी केएस अनुपम ने जानकारी दी कि राज्य के 1200 थानों को ‘वात्सल्य पोर्टल’ से जोड़ा गया है, ताकि गुमशुदा बच्चों की जानकारी तुरंत मिल सके।

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल बचाए गए बच्चे 95
बिहार में रैंक दूसरा स्थान (किशनगंज पहले पर)
ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 (केस) 52 तस्करी मामले दर्ज
कुल बरामद लोग (3.0) 127 नाबालिग और 30 वयस्क
गिरफ्तार तस्कर 109
भविष्य की योजना सभी 40 जिलों में एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस स्टेशन