Finance: अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। मंगलवार 19 मई 2026 को बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, यूपी और बिहार जैसे राज्यों में चांदी काफी सस्ती हो गई
Finance: अगर आप चांदी खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। मंगलवार 19 मई 2026 को बुलियन मार्केट में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, यूपी और बिहार जैसे राज्यों में चांदी काफी सस्ती हो गई है, जिससे आम खरीदारों को राहत मिली है।
चांदी की कीमतों में कितनी कमी आई है?
आज सुबह बुलियन मार्केट में चांदी के भाव में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई। अहमदाबाद, अमरावती और अमृतसर जैसे शहरों में दाम घटकर 2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए हैं। हालांकि, कुछ अन्य स्रोतों के मुताबिक भारत में स्पॉट सिल्वर की कीमत 2,90,100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है।
MCX और ग्लोबल मार्केट का क्या हाल है?
Multi Commodity Exchange (MCX) पर जुलाई 2026 डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स 1,151 रुपये (1%) गिरकर 2,75,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह भाव 2,75,221 रुपये तक नीचे गया था। ग्लोबल मार्केट में चांदी की कीमतें 76 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई हैं, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव और महंगाई की चिंताएं हैं।
कीमतों पर असर डालने वाले मुख्य कारण
| कारक |
प्रभाव |
| कस्टम ड्यूटी |
13 मई को सरकार ने आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% किया था |
| MCX भाव |
1,151 रुपये की गिरावट, भाव 2,75,500 रुपये प्रति किलो |
| ग्लोबल मार्केट |
मिडल ईस्ट तनाव और अमेरिकी डॉलर के संकेतों से उतार-चढ़ाव |
| IBJA रेट्स |
बैंक और NBFCs द्वारा आधिकारिक मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल |
HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की मांग स्थिर है। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के कारण निवेशकों में सावधानी देखी जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आज चांदी की सबसे कम कीमत क्या रही?
MCX पर चांदी की इंट्राडे लो कीमत 2,75,221 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई, जबकि कुछ फिजिकल मार्केट में यह 2,85,000 रुपये तक आई।
चांदी के दाम गिरने का मुख्य कारण क्या है?
ग्लोबल मार्केट में कीमतों का गिरना, पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिकी डॉलर के उतार-चढ़ाव की वजह से घरेलू बाजार में दाम कम हुए हैं।