Sikkim: सिक्किम के मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang (Golay) ने National Legislative Index (NLI) के प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया है। यह एक ऐसी पहल है जिससे भारत के सभी राज्यों की विधानसभाओं के कामकाज को मापा जाएगा और उनकी पर
Sikkim: सिक्किम के मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang (Golay) ने National Legislative Index (NLI) के प्रस्ताव का पूरा समर्थन किया है। यह एक ऐसी पहल है जिससे भारत के सभी राज्यों की विधानसभाओं के कामकाज को मापा जाएगा और उनकी परफॉरमेंस की रैंकिंग तय होगी। दिल्ली विधानसभा ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसकी मुख्यमंत्री तामंग ने सराहना की है।
National Legislative Index (NLI) क्या है और इसे किसने शुरू किया?
NLI का मकसद राज्यों की विधानसभाओं के काम करने के तरीके को बेहतर बनाना है। इसकी घोषणा लोक सभा स्पीकर Om Birla ने 21 जनवरी 2026 को लखनऊ में हुई 86वीं All India Presiding Officers’ Conference के दौरान की थी। दिल्ली विधानसभा और स्पीकर Vijender Gupta ने इस पहल को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। अब एक खास कमेटी तय करेगी कि विधानसभाओं की रैंकिंग किन आधारों पर की जाएगी।
विधानसभाओं की परफॉरमेंस को किन आधारों पर मापा जाएगा?
NLI के तहत विधानसभाओं के कामकाज को परखने के लिए कई पैमाने तय किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि सदन की बैठकें कितनी हुईं और उनमें कितने घंटे काम हुआ। इसके अलावा निम्नलिखित बिंदुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा:
- बहस की क्वालिटी और उत्पादकता
- कितने कानून पास हुए और बिलों की जांच में कितना समय लगा
- कमेटी का कामकाज कितना असरदार रहा
- विधायकों की भागीदारी और तकनीक का इस्तेमाल
- कामकाज में पारदर्शिता और नए प्रयोग
इस पहल से आम जनता और राज्यों को क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री Prem Singh Tamang का मानना है कि इस सिस्टम से राज्यों के बीच एक स्वस्थ मुकाबला शुरू होगा। जब विधानसभाओं की रैंकिंग होगी, तो वे अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने की कोशिश करेंगी। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी। यह टूल उन कमियों को पहचानने में मदद करेगा जिनकी वजह से विधायी कार्य धीमे होते हैं, जिससे पूरे देश में कानून बनाने की प्रक्रिया बेहतर होगी।