Siddhivinayak Temple में हर साल 18 करोड़ की चोरी का आरोप, Trust ने मांगी ऑडिट रिपोर्ट

Maharashtra: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर के दान बॉक्स से हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का मामला सामने आया है। MNS प्रमुख राज ठाकरे ने यह गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद अब मंदिर ट्रस्ट और सरकार के बीच हलचल ब

Maharashtra: मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर के दान बॉक्स से हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का मामला सामने आया है। MNS प्रमुख राज ठाकरे ने यह गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद अब मंदिर ट्रस्ट और सरकार के बीच हलचल बढ़ गई है। ट्रस्ट ने इस मामले में अपनी सफाई दी है और पुराने रिकॉर्ड्स की जांच की मांग की है।

पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 1 अगस्त 2026 को राज ठाकरे ने दावा किया कि मंदिर से भारी मात्रा में पैसा निकाला जा रहा है। उन्होंने एक पत्र का हवाला दिया जो कथित तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखा गया था। हालांकि, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन सदा सर्वणकर ने इस बात से इनकार किया कि ऐसा कोई पत्र विशेष रूप से शिंदे को लिखा गया था। उन्होंने साफ किया कि ट्रस्ट ने खुद मई 2026 में महाराष्ट्र के कानून और न्याय विभाग से दान की पूरी ऑडिट कराने की मांग की थी।

ट्रस्ट के मुताबिक, उन्हें दान संग्रह में गड़बड़ी नजर आई थी, जिसके बाद उन्होंने खुद सरकार को सूचित किया और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से मदद मांगी। इस कार्रवाई के बाद दादर पुलिस ने मामला दर्ज किया और अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मंदिर कर्मचारी राजेंद्र पेंडुरकर भी शामिल हैं। इसके अलावा, VIP दर्शन के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में 46 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है।

ट्रस्ट के सदस्य राहुल लोंढे ने बताया कि जब से गड़बड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है, मंदिर में आने वाले दान में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां महीने का दान करीब 40-45 लाख रुपये था, वह अब बढ़कर 80-90 लाख रुपये तक पहुंच गया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार साप्ताहिक कलेक्शन 50 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये तक हो गया है, जिससे यह शक गहरा गया है कि पहले पैसा चोरी हो रहा था।

इस विवाद में अब राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। ट्रस्ट चेयरमैन सदा सर्वणकर ने कहा कि गिरफ्तार किए गए कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति उद्धव ठाकरे सरकार के समय हुई थी। फिलहाल महाराष्ट्र का कानून और न्याय विभाग ट्रस्ट से विस्तृत वित्तीय रिपोर्ट मांग चुका है और ट्रस्ट इस पूरे मामले की CID जांच कराने की तैयारी में है।