Bihar में श्रावणी मेले का आगाज, सुल्तानगंज का नाम बदलकर हुआ ‘अजगैविनाथ धाम’
Bihar/Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर भव्य तरीके से हो गई है। मेले के उद्घाटन के साथ ही पूरा इलाका ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गू
Bihar/Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर भव्य तरीके से हो गई है। मेले के उद्घाटन के साथ ही पूरा इलाका ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। देश और विदेश से लाखों शिवभक्त गंगा जल लेने सुल्तानगंज पहुंचे हैं।
इस बार के मेले में सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज शहर का नाम बदलकर ‘अजगैविनाथ धाम’ कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अब सभी सरकारी कागजों में इसी नए नाम का इस्तेमाल किया जाए। मुख्यमंत्री ने मेले के लिए एक खास ‘श्रावणी मेला ऐप’ और शिवभक्तों के लिए सर्विस कैंप की भी शुरुआत की है।
बिहार और झारखंड सरकार ने मिलकर इस आयोजन के लिए व्यापक तैयारी की है। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिहार के 13 जिलों में 5.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सुल्तानगंज से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर तक की 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान लागू किया है। मेले वाले क्षेत्र की चार मुख्य सड़कों पर वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 40 स्वास्थ्य शिविर, 129 विशेषज्ञ डॉक्टर और 16 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। ठहरने के लिए यात्री शेड, धर्मशालाएं और स्कूल बनाए गए हैं, जहां जीविका दीदियों द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई की सुविधा उपलब्ध है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार मेले में VIP दर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। कांवरिया यात्रियों के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं, जैसे यात्रा के दौरान जूते न पहनना, शराब से दूर रहना और कांवर को जमीन पर न रखना।