विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू, सुल्तानगंज से देवघर के लिए निकले शिवभक्त; ट्रैफिक प्लान और नियमों को जान लें

Bihar/Jharkhand: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई 2026 से विधिवत शुरू हो गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं और वहां से जल भरकर देवघर के लिए रवाना हो

Bihar/Jharkhand: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई 2026 से विधिवत शुरू हो गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं और वहां से जल भरकर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। इस बार मेले में लगभग 55 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए बिहार और झारखंड सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 जुलाई को सुल्तानगंज में मेले का उद्घाटन किया। वहीं झारखंड-बिहार सीमा के दुम्मा प्रवेश द्वार पर भी भव्य समारोह हुआ, जिसमें झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मौजूद थीं। यह मेला 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते बनाए हैं।

श्रद्धालुओं के लिए बाबा बैद्यनाथ मंदिर में 30 जुलाई से 28 अगस्त तक स्पर्श पूजा पूरी तरह बंद रहेगी। भक्त केवल मुख्य अरघा या बाहरी अरघा के जरिए ही जलाभिषेक कर सकेंगे। बाहरी अरघा से जल चढ़ाने वालों के लिए मंदिर की छत पर लगी एलईडी स्क्रीन पर बाबा का सीधा दर्शन और लाइव जलाभिषेक दिखाया जाएगा।

ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था

सुल्तानगंज में लाखों कांवरियों की सुविधा के लिए नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। रेड जोन में गाड़ियों का जाना मना है। भारी वाहनों को बरियारपुर से न्यू फोरलेन मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को व्यापारिक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। सुरक्षा के लिए 15 अस्थायी थाने बनाए गए हैं और पूरे क्षेत्र को 13 सेक्टरों में बांटा गया है।

सुविधा/पहल विवरण
टेंट सिटी भागलपुर, मुंगेर और बांका में 2850 बेड की व्यवस्था
भोजन पहली बार ‘जीविका दीदी की रसोई’ की शुरुआत
तकनीक AI कंट्रोल रूम, चैट बॉट और विशेष मोबाइल ऐप
मनोरंजन नमामि गंगे घाट पर लेजर और ड्रोन शो
होटल नियम रेट चार्ट लगाना और सीसीटीवी अनिवार्य
पर्यावरण प्लास्टिक और नशामुक्त मेले की अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व्यक्तिगत रूप से पूरे आयोजन की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, सुल्तानगंज को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक केंद्र बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत गंगा घाटों का विकास, मरीन ड्राइव और टू-लेन हवाई अड्डे जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम होगा। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्थाओं की असली परीक्षा 3 अगस्त को पहली सोमवारी के दिन होगी।