श्रावणी मेला 2026: कांवरिया पथ पर तैनात होंगे ‘मेला मित्र’, श्रद्धालुओं को मिलेगी मुफ्त सहायता
Bihar/Jharkhand : आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर ‘मेला मित्र’ तैनात किए जाएंगे, जो राहगीरों क
Bihar/Jharkhand : आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर ‘मेला मित्र’ तैनात किए जाएंगे, जो राहगीरों को सही रास्ता बताने और अन्य जरूरी मदद देने का काम करेंगे। बिहार और झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों ने मिलकर सुरक्षा और सुविधाओं का खाका तैयार किया है।
मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 3, 10, 17 और 24 अगस्त को प्रमुख सोमवारियाँ पड़ेंगी। बिहार के पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने भागलपुर, मुंगेर और बांका के अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की है। वहीं झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और देवघर DC सौरभ कुमार भुवानिया ने भी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं। सुल्तानगंज में ‘दीदी की रसोई’ के जरिए शुद्ध और सात्विक भोजन मिलेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाया गया है कि दुकानें केवल बाईं ओर ही लगेंगी, ताकि दाहिना हिस्सा चलने के लिए खाली रहे। सुरक्षा के लिए देवघर और दुमका में 47 अस्थायी पुलिस पोस्ट बनाए जाएंगे और ड्रोन व सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी।
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| मेला मित्र | युवा स्वयंसेवक जो रास्ता, स्वास्थ्य और भीड़ नियंत्रण में मदद करेंगे |
| स्वास्थ्य सेवा | मुंगेर में 13 शिविर, 45 डॉक्टर और देवघर AIIMS में 15 बेड आरक्षित |
| सफाई व्यवस्था | देवघर में 7 जोन में 750 सफाईकर्मी तैनात रहेंगे |
| सड़क सुविधा | देवघर-बासुकीनाथ फोर लेन सड़क 25 जुलाई तक चालू होने की उम्मीद |
| बुनियादी ढांचा | महीन बालू बिछाना, शुद्ध पेयजल और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था |
| आवास | भागलपुर में स्विस कॉटेज और टेंट सिटी बनाने की योजना |
तैयारियों के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों की वजह से कांवरिया पथ कई जगहों से टूट गया है, जिसे ठीक करने का काम चल रहा है। साथ ही अतिक्रमण हटाने और पुराने चापाकल व शौचालयों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।