Dombivli में शिवसेना कॉर्पोरेटर ने डॉक्टरों और नर्सों को पीटा, अस्पताल में काम बंद, FIR दर्ज

Maharashtra/Dombivli: डोंबिवली के Shastrinagar Hospital में एक शिवसेना कॉर्पोरेटर और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट की है। इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए काम बंद कर दिया है। म

Maharashtra/Dombivli: डोंबिवली के Shastrinagar Hospital में एक शिवसेना कॉर्पोरेटर और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों और नर्सों के साथ मारपीट की है। इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए काम बंद कर दिया है। मामला एक गर्भवती महिला के रेफरल को लेकर शुरू हुआ था, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।

यह पूरी घटना सोमवार रात, 6 जुलाई 2026 को हुई। बताया जा रहा है कि प्रियंका उगमले नाम की एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि नवजात बच्चे को NICU (Neonatal Intensive Care Unit) की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन अस्पताल के सभी बेड भरे हुए थे। इसी वजह से डॉक्टरों ने मरीज को दूसरे अस्पताल भेजने की सलाह दी।

रेफरल की इस बात पर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर Ramesh Mhatre अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ के साथ मारपीट की। इस हमले में एक महिला डॉक्टर, दो अन्य डॉक्टर और तीन नर्सों समेत कई कर्मचारी घायल हुए हैं। डॉ. सालुंखे को काफी चोटें आई हैं। आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा गार्डों को बीच-बचाव करने से भी रोका गया।

घटना के बाद मंगलवार से ही डॉक्टरों और नर्सों ने काम बंद कर दिया। Central MARD और IMA (Kalyan-Dombivli branch) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। IMA ने चेतावनी दी थी कि अगर बुधवार तक सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो कल्याण और डोंबिवली के प्राइवेट डॉक्टर अपनी सेवाएं पूरी तरह बंद कर देंगे।

KDMC कमिश्नर Abhinav Goel ने मामले की जानकारी मिलने पर डॉक्टरों को पुलिस शिकायत दर्ज कराने को कहा और सुरक्षा बढ़ाने का भरोसा दिया। Vishnunagar पुलिस स्टेशन ने CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर जांच शुरू कर दी है और कॉर्पोरेटर Ramesh Mhatre के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

फिलहाल, महाराष्ट्र के कई सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने OPD सेवाएं बंद कर दी हैं, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी गई हैं। Central MARD अब इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी कर रहा है।