Himachal Pradesh: शिमला पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज का इस्तेमाल करते हुए उत्तर प्रदेश के लखनऊ और पंजाब के फिरोजपुर से दो मुख्य आरोपियों को गिर
Himachal Pradesh: शिमला पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज का इस्तेमाल करते हुए उत्तर प्रदेश के लखनऊ और पंजाब के फिरोजपुर से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब छोटे तस्करों के बजाय उन बड़े सप्लायरों तक पहुँच रही है जो बाहरी राज्यों से नशा हिमाचल भेज रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और कहाँ से पकड़े गए
पुलिस ने 17 मई 2026 को लखनऊ से Ahmar Brijas को गिरफ्तार किया। वह लखनऊ में एक केमिस्ट शॉप चलाता था और बिना पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयां कूरियर के जरिए सप्लाई करता था। वहीं, 19 मई 2026 को पंजाब पुलिस की मदद से जललाबाद (फाजिल्का) से Akashdeep उर्फ Akash को पकड़ा गया, जो चिट्टा (हेरोइन) का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है।
कैसे पकड़े गए ये तस्कर और क्या था तरीका
ASP हेडक्वार्टर Abhishek Dhiman ने बताया कि पुलिस अब WhatsApp चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और पैसों के लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है। पहले रोह्रु पुलिस स्टेशन में सिद्धान्त खगता और गौरव कुमार की गिरफ्तारी हुई थी, जिससे लखनऊ कनेक्शन मिला। इसी तरह सदर शिमला पुलिस द्वारा पकड़े गए पंजाब के दो तस्करों की जांच से Akashdeep तक पहुँचने में मदद मिली।
शिमला पुलिस की अब तक की कार्रवाई
SSP शिमला Gaurav Singh के अनुसार, साल 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज जांच के जरिए 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 26 अलग-अलग तस्करी मॉड्यूल को खत्म किया गया है। पुलिस ने habitual तस्कर Ashwin Ahluwalia को PIT NDPS एक्ट के तहत तीन महीने के लिए कांडा जेल भेज दिया है। इसके अलावा हाल ही में जय सिंगला, जितेंद्र ठाकुर और राजन ठाकुर को भी चिट्टा और गांजे के साथ पकड़ा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बैकवर्ड लिंकेज जांच क्या होती है?
इसमें पुलिस छोटे तस्करों को पकड़कर उनके फोन कॉल, चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच करती है ताकि यह पता चल सके कि नशा मुख्य रूप से कहाँ से आ रहा है और असली सप्लायर कौन है।
लखनऊ से पकड़े गए आरोपी पर क्या आरोप हैं?
Ahmar Brijas लखनऊ में केमिस्ट शॉप चलाता था और बिना वैध पर्ची के प्रतिबंधित दवाइयां कूरियर के जरिए सप्लाई करता था। उस पर NDPS एक्ट के साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।